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कटखने बंदरों ने चार लोगों को काटा
Updated Thu, 26 Apr 2018 11:28 PM IST
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अल्मोड़ा। शहरवासी कटखने बंदरों से परेशान हैं। बंदर आए दिन लोगों को काट रहे हैं। तल्ला जोशीखोला में बंदरों ने आर्य कन्या इंटर कॉलेज मार्ग पर तीन दिन में चार लोगों को काट दिया है। इससे स्कूली बच्चे और लोग भयभीत हैं। अस्पतालों में एंटी रेबीज के इंजेक्शन नहीं होने से लोगों को बाजार से खरीदने पड़ रहे हैं।
नगर व्यापार मंडल के कनिष्ठ उपाध्यक्ष दीपेश जोशी ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि शहर में कटखने बंदरों और लावारिस गाय, सांडों से लोगों को खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि तल्ला जोशीखोला में आर्य कन्या इंटर कॉलेज मार्ग पर तीन दिन में कटखने बंदरों ने चार लोगों को काट लिया। यह रास्ता स्कूल को भी जोड़ता है।
इससे स्थानीय लोग और बच्चे भयभीत हैं। जिला मुख्यालय के अस्पतालों में एंटी रेबीज के इंजेक्शन भी नहीं हैं। इस कारण लोगों को बाजार से महंगे दाम पर हल्द्वानी और अन्य स्थानों से इंजेक्शन मंगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने डीएम से बंदरों से निजात दिलाने और लावारिस गायों को गौ सदन भेजने की मांग उठाई है।
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वहीं, बेस अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. टीडी रखोलिया ने बताया कि अस्पतालों में एंटी रेबीज के इंजेक्शन नहीं हैं। देहरादून से इंजेक्शन मंगाने के लिए वाहन भेजा जाएगा।
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नगर व्यापार मंडल के कनिष्ठ उपाध्यक्ष दीपेश जोशी ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि शहर में कटखने बंदरों और लावारिस गाय, सांडों से लोगों को खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि तल्ला जोशीखोला में आर्य कन्या इंटर कॉलेज मार्ग पर तीन दिन में कटखने बंदरों ने चार लोगों को काट लिया। यह रास्ता स्कूल को भी जोड़ता है।
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इससे स्थानीय लोग और बच्चे भयभीत हैं। जिला मुख्यालय के अस्पतालों में एंटी रेबीज के इंजेक्शन भी नहीं हैं। इस कारण लोगों को बाजार से महंगे दाम पर हल्द्वानी और अन्य स्थानों से इंजेक्शन मंगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने डीएम से बंदरों से निजात दिलाने और लावारिस गायों को गौ सदन भेजने की मांग उठाई है।
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वहीं, बेस अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. टीडी रखोलिया ने बताया कि अस्पतालों में एंटी रेबीज के इंजेक्शन नहीं हैं। देहरादून से इंजेक्शन मंगाने के लिए वाहन भेजा जाएगा।