{"_id":"56ffdc834f1c1b2b71f00234","slug":"advisory-council-will-rule-in-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"सियासी संकट के बाद सलाहकार परिषद के जिम्मे उत्तराखंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सियासी संकट के बाद सलाहकार परिषद के जिम्मे उत्तराखंड
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 02 Apr 2016 08:21 PM IST
विज्ञापन
गवर्नर केके पॉल
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कामकाज को पटरी पर लाने के लिए अब उत्तराखंड में राज्यपाल की अध्यक्षता में सलाहकार परिषद गठित होगी। इस परिषद को मंत्रिमंडल के समान अधिकार प्राप्त होंगे। परिषद का ड्राफ्ट तैयार कर राष्ट्रपति को मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने इसकी पुष्टि की।
विज्ञापन
प्रदेश में इस समय राष्ट्रपति शासन लागू है। दो सलाहकारों के बलबूते खुद राज्यपाल डा. कृष्णकांत पाल इस समय सारा कामकाज देख रहे हैं। बावजूद राज्यपाल को व्यवस्थागत अड़चनों का सामना भी करना पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए अब प्रदेश में सलाहकार परिषद का गठन किया जा रहा है। राज्यपाल की अध्यक्षता में गठित इस एडवाइजरी काउंसिल में मुख्य सचिव के अलावा राज्यपाल के सलाहकार प्रकाश मिश्रा और रविंद्र सिंह और राज्यपाल के सचिव आनंद वर्धन इस परिषद में शामिल होंगे।
विज्ञापन
खास बात यह है कि यह परिषद मंत्रिमंडल की तरह ही शक्तिशाली होगी और नीतिगत रूप से भी फैसले ले सकेगी। मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह के मुताबिक परिषद का ड्राफ्ट तैयार कर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह परिषद अस्तित्व में आ जाएगी। इस परिषद को अधिकार होगा कि वह मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों को आदेश जारी कर सके।
विज्ञापन
इस समय राज्यपाल प्रदेश के महत्वपूर्ण मसलों पर खुद ही निगाह रखे हुए हैं। उनके दो सलाहकारों ने भी काम संभाल लिया है। बावजूद कई तरह की अड़चनों का सामना इन व्यवस्था को करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि परिषद का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था को पटरी पर रखने के साथ ही प्रदेश के विकास कार्यों को जारी रखने में आ रही अड़चनों से निपटना भी है।