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पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतरीं पत्नियां

Tue, 24 Sep 2013 12:06 AM IST
अमर उजाला, मुरादाबाद
अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Tue, 24 Sep 2013 12:06 AM IST
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wife against ssp

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बेरहमी से पीटने वाले एसएसपी के खिलाफ मोर्चा लेने वाले तीनों फॉलोवर दो दिन से पुलिस के कड़े पहरे में हैं। पहरा इसलिए लगाया गया, जिससे कहीं वह मेडिकल न करा लें और थाने में मुकदमे के लिए तहरीर न दे दें।

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पुलिस के इसी जुल्म से तंग आकर सोमवार सुबह उनकी पत्नियां सड़क पर उतर आईं। डीआईजी से गुहार लगाकर पतियों का मेडिकल कराने की मांग की। परिवार को अफसरों से खतरा भी बताया।
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आरोप है कि एसएसपी राजेश मोदक ने अपने आवास पर शनिवार सुबह तीन फॉलोवरों को वाइपर, डंडे और झाड़ू से बुरी तरह पीटा था। कप्तान पूर्व मेयर डॉ. एसटी हसन को इंतजार कराए जाने से नाराज थे।
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पिटाई से तीनों फॉलोवरों गुमान सिंह, सुंदर सिंह और दया किशन डंगवाल के शरीर पर चोटें आई थीं। गुमान तो ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। शाम को उन्होंने डीआईजी से मिलकर कार्रवाई की मांग की।

इसके बाद रविवार सुबह एसएसपी के निर्देश पर अफसरों ने उन्हें नजरबंद कर लिया। अस्पताल जाकर मेडिकल भी नहीं कराने दिया। पूरे दिन उन्हें किसी से मिलने भी नहीं दिया गया। हालांकि शासन ने पुलिस कप्तान को निलंबित कर दिया, लेकिन अधीनस्थों की कार्रवाई जारी है।
muradabad
रविवार शाम को तीनों फॉलोवरों को अज्ञात स्थान पर ले जाकर समझौते के लिए दबाव बनाने की कोशिश की गई। रात 11 बजे उन्हें घर जाने दिया। लेकिन बाद में उनके क्वार्टरों के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई।

सोमवार सुबह फिर उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। गुमान की पत्नी आशा ने बताया कि उन्हें निलंबित एसएसपी से जान माल का खतरा है।

महिलाओं ने तहरीर देकर डीआईजी से कहा कि उनके पति का इलाज कराना तो दूर, ठीक से खाने पीने भी नहीं दिया जा रहा। बच्चे स्कूल भी नहीं जा पा रहे। डीआईजी ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।

दूध लेने का बहाना से निकलीं बाहर
पुलिस लाइन में विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आगे जाते ही तीनों फॉलोवरों के क्वार्टर हैं। रविवार रात से यहां पुलिस की तैनाती हुई थी। सोमवार सुबह भी क्वार्टरों के आसपास सिपाही बैठे दिखे।

फॉलोवर तो दूर, उनके परिवार की महिलाएं, बच्चों को भी कहीं जाने नहीं दिया जा रहा। करीब 10 बजे दूध लेने का बहाना करके तीनों परिवार की महिलाएं किसी तरह बाहर निकलीं। यहां से वह सीधे डीआईजी आफिस गईं।

लौटने पर सुंदर की पत्नी हेमा की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने अस्पताल ले जाने की कोशिश की तो मना कर दिया गया। इससे पहले सुबह सात बजे तीनों फॉलोवरों को पुलिसकर्मी साथ ले गए। दोपहर दो बजे के बाद उन्हें घर भेजा गया।


शाम चार बजे उन्हें दोबारा ले जाकर दबाव डालने की कोशिश की गई। दरअसल फॉलोवरों के शरीर में डंडे और वाइपर से पिटाई के बाद आई चोटें मिटने का इंतजार किया जा रहा है। परिवार वालों ने फॉलोवरों के मोबाइल फोन टैप किए जाने का भी संदेह जताया है।

मानवाधिकार आयोग को शिकायत
दो दिन से उत्पीड़न के शिकार परिवार वालों ने सोमवार को मानवाधिकार आयोग का नंबर लेकर फोन मिलाया। आपबीती सुनाई और कार्रवाई की मांग की। रिश्तेदारों ने बताया कि अगर ऐसे ही चलता रहा तो परिवार आंदोलन को विवश होंगे।

अल्मोड़ा और चमोली से सभी के परिवार वाले भी आ रहे हैं। इसके बाद आर-पार की लड़ाई होगी।

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