श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में विहिप का दबदबा, 11 ट्रस्टियों में परिषद के नौ सदस्य
15 सदस्यीय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नियमों के मुताबिक 11 प्रमुख ट्रस्टी ही निर्णायक भूमिका में हैं। इन 11 ट्रस्टियों में से 9 सदस्य विहिप से जुड़े हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन विश्व हिंदू परिषद का पूर्ण बहुमत हो गया है। 15 सदस्यीय श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नियमों के मुताबिक 11 प्रमुख ट्रस्टी ही निर्णायक भूमिका में हैं। इन 11 ट्रस्टियों में से 9 सदस्य विहिप से जुड़े हैं। नौ सदस्यों में अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, युगपुरुष स्वामी परमानंद, स्वामी विश्वप्रशन्नतीर्थ, स्वामी गोविंददेव गिरी विहिप मार्गदर्शक मंडल से जुड़े हैं।
जबकि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। दलित सदस्य कामेश्वर चौपाल को विहिप व संघ दोनों में कार्य करने का अनुभव है, वह राममंदिर का प्रतीकात्मक शिलान्यास भी कर चुके हैं। जबकि डॉ. अनिल मिश्र अवध प्रांत के सहकार्यवाह हैं। इनके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासन भी संघ से जुड़े हैं, वह विहिप के विधि परामर्शदाता भी हैं। केवल निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास और अयोध्या राज परिवार के बिमिलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ही संघ व विहिप से अलग हैं।
मंदिर निर्माण से पूर्व रामभक्तों से संपर्क साध रही विहिप
श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण से पूर्व अयोध्या के आसपास के रामभक्तों से विहिप ने संपर्क साधना शुरू कर दिया है। 22 फरवरी को हनुमान मंडल के बैनर तले अयोध्या के चौरासी कोसी परिक्रमा क्षेत्र के मार्ग प्रमुखों की बैठक कारसेवकपुरम में आयोजित की जा रही है। अयोध्या चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के प्रमुख सुरेंद्र सिंह के अनुसार इसमें गोंडा, बस्ती, अंबेडकर नगर, अयोध्या व बाराबंकी जनपद के लोग भाग लेंगे।
मार्च के पहले सप्ताह में हो सकती है ट्रस्ट की बैठक
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दूसरी बैठक भी जल्द होगी। विहिप के सूत्रों के अनुसार एक पखवारे के भीतर यह बैठक अयोध्या में हो सकती है। संभावना यही है कि मार्च के पहले सप्ताह बैठक करके मंदिर निर्माण की योजना से संबंधित जरूरी फैसले ले लिए जाएं। जिनमें मंदिर निर्माण से संबंधित कई जरूरी फैसले भी होंगे।