पूविवि के शिक्षक की दरियादिली, ठंड में सिकुड़ रहे बुजुर्ग के साथ किया कुछ ऐसा, लोग कर रही तारीफ
कोरोना के कारण जहां एक तरफ लोग अपनों को भी छूने से परहेज कर रहे हैं, वहीं एक शिक्षक ने सड़क किनारे पड़े असहाय बुजुर्ग की सेवा कर मानवता की मिसाल पेश की है। लंबे दाढ़ी-बाल और गंद कपड़े में लिपटे वृद्ध की ओर दूसरे लोग देखना भी मुनासिब नहीं समझते थे। नाक बंद कर दूर से ही निकल जाते थे। शिक्षक न सिर्फ उनके पास गए, बल्कि पूरा हुलिया ही बदल दिया। अपने हाथों से वृद्ध के दाढ़ी-बाल बनाए और फिर नए कपड़े पहनाए। कई दिनों से भूखे वृद्ध को भोजन भी कराया।
जौनपुर जिले में शहर के पॉलिटेक्निक चौराहा निवासी राजेश कुमार पूविवि में सहायक प्राध्यापक हैं। जरूरतमंदों, असहाय और दिव्यांगजनों की वह अक्सर सेवा करते रहते हैं। मंगलवार को उनकी नज़र टीडी कॉलेज रोड पर सड़क किनारे पड़े बुजुर्ग पर पड़ी। गंदे व फटे कपडों में लिपटे बुजुर्ग के दाढ़ी-बाल बढ़े हुए थे।
कई दिनों से स्नान न करने के कारण दुर्गन्ध आ रही थी। लोग बुजुर्ग को हेय दृष्टि से देखते हुए मुंह बिचका कर आगे बढ़ जा रहे थे। वृद्ध को देख राजेश का दिल पसीजा। वह उसके पास गए। उसका नाम-पता पूछा। मानसिक रूप से कमजोर वृद्ध इस बारे में कुछ भी नहीं बता सका।
बाद में राजेश ने पास की दुकानों से सामान खरीदा और खुद बुजुर्ग की सेवा में लग गए। उसके बाल-दाढ़ी बनाई और कपड़े बदले। फिर भरपेट भोजन भी कराया। राह चलते लोगों की जब इसपर नजर पड़ी तो वहीं ठहर गए। कुछ देर में ही बुजुर्ग का हुलिया बदल गया। राजेश के कामों की सराहना करते हुए लोगों ने वीडियो भी बनाया। कुछ अन्य लोगों ने भी आगे बढ़कर बुजुर्ग की मदद करते हुए उसे पैसे दिए।