Varanasi: कोरोना काल में काशी के प्रबंधन को इराक की सरकार ने सराहा, आईआईएम इंदौर में हुआ समारोह
कोरोना की विभिषिका में नजीर बने काशी मॉडल का प्रस्तुतीकरण बुधवार को मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने इराक के प्रतिनिधिमंडल के समक्ष आईआईएम इंदौर में आयोजित समारोह में किया। उन्होंने कोरोना की लड़ाई में काशीवासियों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से कुशल प्रबंधन के अनुभव भी साझा किए।
विस्तार
कोरोना की विभिषिका में नजीर बने काशी मॉडल का प्रस्तुतीकरण बुधवार को मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने इराक के प्रतिनिधिमंडल के समक्ष आईआईएम इंदौर में आयोजित समारोह में किया। उन्होंने कोरोना की लड़ाई में काशीवासियों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से कुशल प्रबंधन के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बतौर सांसद के प्रयासों की भी विस्तार से जानकारी दी।
भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर की ओर से इराक विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की 10 दिवसीय कार्यशाला के तीसरे दिन मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने संकट प्रबंधन पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि सुनियोजित योजना के तहत रोजाना अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई गई।
निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए और दवाओं की कालाबाजारी रोकने के लिए मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए। छोटे-छोटे कंटेनमेंट जोन बनाए गए। निगरानी समितियां के जरिये जांच, उपचार की व्यवस्था बनी और हर समिति के सदस्यों को पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मल स्कैनर और दवाओं की किट दी गई। ट्रेसिंग में कोई संदिग्ध मिला तो दवा शुरू करने के साथ ही उसका आरटीपीसीआर टेस्ट कराया गया।
सभी विभागों की टीम के काम की रोजाना समीक्षा
मंडलायुक्त ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि स्मार्ट सिटी कंपनी के सिटी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के तौर पर विकसित किया गया। कंटेनमेंट जोन की घेराबंदी समेत सभी कामों के लिए संबंधित विभागों की डेस्क बनाई गई। होम आइसोलेशन में रहने वालों के लिए और टेली मेडिसिन के लिए भी कमांड सेंटर में अलग डेस्क बनाई गई। सभी विभागों की टीम के काम की रोजाना समीक्षा के साथ जवाबदेही तय की गई। इसके साथ ही कोरोना टीका करण का ग्राफ भी तेजी से बढ़ाया गया।
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काशी की सेवा को दुनिया को सराहा
मंडलायुक्त ने अपने प्रस्तुतीकरण में काशी के सेवाभाव की भी विस्तार से जानकारी दी। बताया कि लोगों ने सामुदायिक रसोइयोें के माध्यम से हर जरूरतमंद तक भोजन और दवा पहुंचाई। हर व्यक्ति मदद के लिए तैयार खड़ा था और प्रशासनिक समन्वय से वाराणसी में क्राइसेस मैनेजमेंट को बखूभी निभाया गया।