World Para Shooting: पैरों ने नहीं दिया साथ, काशी की बेटी ने रचा इतिहास; कोरिया में जीता कांस्य
Sports News: वाराणसी की सुमेधा पाठक ने काफी संघर्ष के बाद निशानेबाजी में अपनी जगह बनाई है। परिवार के लोगों ने काफी साथी दिया। कोरिया में आयोजित वर्ल्ड पैरा निशानेबाजी में उन्होंने काशी ही नहीं देश का भी मान बढ़ाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
World Para Shooting: वाराणसी के मानस नगर एक्सटेंशन की रहने वाली सुमेधा पाठक ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने यह सफलता दक्षिण कोरिया में आयोजित वर्ल्ड पैरा निशानेबाजी में कांस्य पर निशाना साधा है।
उनके पिता बृजेश कुमार पाठक ने बताया कि सुमेधा अबतक 10 मीटर शूटिंग में 15 पदक जीत चुकी है। सुमेधा को दसवीं तक उन्हें कोई दिक्कत नहीं थी। वह सामान्य छात्रों की तरह खेलती और पढ़ती थी।
इसके बाद 10 मीटर एयर पिस्टल में अभ्यास शुरू किया। 2018 में प्री-स्टेट शूटिंग में स्वर्ण जीतकर शानदार जगह बनाई। स्टेट प्रतियोगिता के बाद मद्रास में जीवी मावलंकर प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। 2021 में दूसरे पैरा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
परिवार ने दिया साथ
तीसरे और चौथे पैरा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण जीत कर काशी का मान बढ़ाया। 2022 में फ्रांस के सेटूरेक्स वर्ल्ड कप और कोरिया में टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। 2023 में चीन में एशियन गेम्स की शूटिंग प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंची और सातवां स्थान हासिल किया।
बीमारी भी नहीं रोक सकी राह
10वीं की पढ़ाई के दौरान 2013 में सुमेधा को मल्टी ड्रग ट्यूबरक्लॉसिस बीमारी ने अटैक किया। शरीर के निचले हिस्से में कमर से लेकर पैरों तक ने काम करना बंद कर दिया। इसके बाद से सुमेधा का संघर्ष शुरू हो गया। परिवार ने भी हौसला बढ़ाया और उन्होंने शूटिंग करने का फैसला किया।