यूपी: दुर्गा पंडालों और मूर्तियां लगाने की मिली अनुमति, बनारस में पांच फीट की सजेंगी प्रतिमाएं, रखना होगा ये ख्याल
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कोरोना काल में पाबंदियों के बीच और शर्तों के साथ वाराणसी में मां दुर्गा की पूजा का भव्य आयोजन किया जाएगा। शासन के आदेश पर पंडाल में पांच फीट की प्रतिमाएं स्थापित होंगी। दशहरा पर मिनी बंगाल तो सजेगा लेकिन कोरोना संक्रमण के प्रोटोकॉल के साथ मातारानी भक्तों को दर्शन देंगी।
पाबंदियों के साथ ही पंडाल और मूर्तियों को स्थापित करने की अनुमति मिलने से पूजा समितियों में उत्साह है। शहर में पूजा समितियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, हालांकि कोरोना संक्रमण और समय कम होने के कारण हर साल की तरह आयोजन में भव्यता नहीं होगी।
वाराणसी प्रशासन ने शासन की गाइड लाइन के आधार पर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। मजिस्ट्रेट से अनुमति के बाद दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की जा सकेगी। पांच फीट से ऊंची प्रतिमा को स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा स्थान के हिसाब से लोगों की संख्या तय की जाएगी। विसर्जन जुलूस के लिए भी कोविड प्रोटोकाल का पालन करना होगा। आयोजन स्थल पर थर्मल स्कैनिंग, सामाजिक दूरी, सैनिटाइजेशन और मास्क की अनिवार्यता के साथ पंडाल लगाने की अनुमति होगी।
नवरात्रि, दुर्गापूजा, दशहरा, बारावफात, दीपावली, छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा और क्रिसमस के दौरान होने वाले आयोजनों पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन जरूरी होगा।
कोरोना प्रोटोकॉल का करें सख्ती से पालन
शासन और प्रशासन को पूजा पंडाल तथा मूर्ति स्थापना की अनुमति देने के लिए आभार। पूजा समितियों से मेरी प्रार्थना है कि वह कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करें और किसी तरह की लापरवाही न बरतें। - तिलकराज मिश्र, अध्यक्ष, केंद्रीय पूजा समिति
भव्यता देने का होगा प्रयास
शासन का आदेश बहुत देर से आया है, इतने कम समय में पंडाल बनना अब संभव नहीं है। हर साल की तरह भव्यता तो नहीं होगी लेकिन हमारा प्रयास रहेगा कि माता के स्वागत में हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इस साल कोविड के कारण लोगों के पास पैसा भी नहीं है। - देवाशीष दास, अध्यक्ष, वाराणसी दुर्गोत्सव सम्मिलनी
छोटे वाहनों में होगा विसर्जन, विसर्जन के लिए तैयार होंगे कुंड
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि जो लोग भी पूजा पंडाल स्थापित करना चाहते हैं, वह एसीएम के यहां आवेदन कर सकते हैं। पांच फीट की प्रतिमाओं को स्थापित करने की अनुमति दी गई है। प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए कुंडों को तैयार करने का निर्देश दिया जाएगा। इस दौरान छोटे वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। हर किसी को कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना जरूरी होगा।
सैनिटाइजेशन और थर्मल स्कैनिंग होगी जरूरी
दुर्गा पूजा पंडालों पर सैनिटाइजेशन, थर्मल स्कैनिंग और सामाजिक दूरी के नियमों को सख्ती से पालन करना होगा। प्रवेश एवं निकास के अलग-अलग एवं यथासंभव एक से अधिक रास्ते सुनिश्चित किए जाएंगे। केवल वही स्टाफ तथा दर्शक प्रवेश के लिए अनुमन्य होंगे जिसमें किसी प्रकार के कोविड के लक्षण नहीं होंगे।
वहीं सभी आयोजन स्थलों पर आइसोलेशन कक्ष की व्यवस्था भी करनी होगी। मूर्तियों के विसर्जन में यथा सम्भव छोटे वाहनों का प्रयोग करना होगा। यह भी तय किया गया है कि मूर्ति विसर्जन के कार्यक्रम में न्यूनतम व्यक्ति ही सम्मिलित रहें।
- शारीरिक दूरी तथा मास्क पहनने के मानकों के अनुपालन के निगरानी के लिए क्लोज सर्किट कैमरा लगवाने पर भी विचार किया जा रहा है।
- कार्यक्रम स्थल पर कोविड -19 से बचने के उपायों से सम्बन्धित पोस्टर्स/ बैनर्स लगाने होंगे और ऑडियो/ विजुअल प्रचार-प्रसार भी करना होगा।
- सार्वजनिक स्थलों पर थूकने को सख्ती से प्रतिबन्धित किया जाएगा।
वाराणसी में अधिकतम पांच फीट की प्रतिमाओं के स्थापना की अनुमति होगी। मजिस्ट्रेट से अनुमति के बाद आयोजनों की निगरानी कराई जाएगी। कोविड प्रोटोकाल का पालन अनिवार्य होगा।
कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी