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काशी से अब लंदन जाएगा ध्रुपद
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 05 Mar 2016 02:49 AM IST
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ध्रुपद महोत्सव
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ध्रुपद के प्राचीन राग-ताल अब आने वाले समय में यूरोप में छाएंगे। अगले वर्ष से ध्रुपद महोत्सव लंदन में भी होगा। इस महोत्सव की पूरी तैयारी कर ली गई है। इसकी घोषणा शुक्रवार की शाम इंग्लैंड की जानी मानी सांस्कृतिक संस्था कला संगम के संस्थापक डॉ. श्रीपति उपाध्याय ने की। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच जहां कलाकारों की आवाजाही को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं सांस्कृतिक रिश्ते भी प्रगाढ़ होंगे।
कला संगम की ओर से लंदन में कराए जाने वाले ध्रुपद महोत्सव की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। संगीत के शहर में इसके लिए काशी-कलश नामक संस्था का गठन किया जाएगा। काशी कलश के जरिए ध्रुपद के कलाकार लंदन में होने वाले ध्रुपद महोत्सव के लिए नामित किए जाएंगे। सात समंदर पार होने वाले इस आयोजन के लिए भारतीय अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध परिषद से भी सैद्धांतिक सहमति ले ली गई है।
इस महोत्सव के जरिए ब्रिटेन और भारत के बीच ध्रुपद संगीत के जरिए सांस्कृतिक रिश्ते को मजबूत बनाया जाएगा। काशी कलश और कला संगम दोनों संस्थाएं इसके लिए सेतु का काम करेंगी। इन संस्थाओं के जरिए दोनों देशों के बीच ध्रुपद के कलाकारों की आवाजाही बढ़ाई जाएगी। ध्रुपद मेला के संस्थापक सदस्य डॉ. राजेश्वर आचार्य ने बताया कि काशी कलश की एक सलाहकार समिति भी होगी, जो ब्रिटेन जाने के लिए कलाकारों को नामित करेगी। कला संगम की कला निदेशक डॉ. गीता उपाध्याय ने बताया कि दोनों देशों के बीच इस महोत्सव के जरिए कला-संगीत के आदान-प्रदान में सहूलियत मिलेगी।
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कला संगम की ओर से लंदन में कराए जाने वाले ध्रुपद महोत्सव की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। संगीत के शहर में इसके लिए काशी-कलश नामक संस्था का गठन किया जाएगा। काशी कलश के जरिए ध्रुपद के कलाकार लंदन में होने वाले ध्रुपद महोत्सव के लिए नामित किए जाएंगे। सात समंदर पार होने वाले इस आयोजन के लिए भारतीय अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक संबंध परिषद से भी सैद्धांतिक सहमति ले ली गई है।
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इस महोत्सव के जरिए ब्रिटेन और भारत के बीच ध्रुपद संगीत के जरिए सांस्कृतिक रिश्ते को मजबूत बनाया जाएगा। काशी कलश और कला संगम दोनों संस्थाएं इसके लिए सेतु का काम करेंगी। इन संस्थाओं के जरिए दोनों देशों के बीच ध्रुपद के कलाकारों की आवाजाही बढ़ाई जाएगी। ध्रुपद मेला के संस्थापक सदस्य डॉ. राजेश्वर आचार्य ने बताया कि काशी कलश की एक सलाहकार समिति भी होगी, जो ब्रिटेन जाने के लिए कलाकारों को नामित करेगी। कला संगम की कला निदेशक डॉ. गीता उपाध्याय ने बताया कि दोनों देशों के बीच इस महोत्सव के जरिए कला-संगीत के आदान-प्रदान में सहूलियत मिलेगी।
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