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वाराणसी: 170 दिन बाद भक्तों ने किया काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक, इस पर अभी भी है रोक
Wed, 09 Sep 2020 12:25 AM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Wed, 09 Sep 2020 12:25 AM IST
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सावन के चौथे सोमवार को बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार किया गया
- फोटो : अमर उजाला।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति मिलने के बाद श्रद्धालुओं में हर्ष का माहौल है। मंगलवार को भी श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया हालांकि स्पर्श दर्शन पर अभी भी रोक है। मंगलवार को कटघरा लगाकर श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने बाबा का जलाभिषेक किया।
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हैंड सैनिटाइजेशन और थर्मल स्कैनिंग के बाद ही श्रद्धालुओं को शारीरिक दूरी का पालन करते हुए गर्भगृह में एक से दो की संख्या में प्रवेश दिया जा रहा है। गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश के साथ ही मंदिर प्रांगण के सभी विग्रहों के ताले खोल दिए गए हैं।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
भक्तगण दर्शन के साथ ही बाबा को दूध-जल भी अर्पित कर सकते हैं लेकिन किसी भी विग्रह के स्पर्श की अनुमति नहीं होगी। बता दें कि 170 दिनों के बाद भक्तों को बाबा के गर्भगृह में प्रवेश और शिवलिंग पर सीधे जल-चढ़ाने का सौभाग्य मिला है। मंदिर के कपाट लॉकडाउन में 80 दिनों के बाद जून में खुले थे, तबसे भक्त बाबा के झांकी-दर्शन कर रहे थे।