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कलेक्टर नहीं, अब आयोग से होंगी कोषागार की भर्तियां
लखनऊ/महेंद्र तिवारी
Updated Mon, 15 Jul 2013 12:02 AM IST
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उत्तर प्रदेश सरकार कोषागार में रिक्त पदों की भर्तियां कलेक्टर की जगह राज्य लोक सेवा आयोग से कराने पर विचार कर रही है।
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शासन के लगातार निर्देशों के बावजूद जिलाधिकारियों की ओर से भर्तियों में रुचि न लिए जाने पर इस संबंध में लिखापढ़ी शुरू की गई है।
प्रदेश के कोषागारों में सहायक कोषागार लेखाकार, कोषागार लेखाकार और सहायक कोषाधिकारी के एक तिहाई से ज्यादा पद (2157 पदों में से 822) रिक्त हैं।
सहायक कोषागार लेखाकार और कोषागार लेखाकार के पदों की भर्तियां जिलाधिकारी (कलेक्टर) करते हैं जबकि सहायक कोषाधिकारी की भर्ती निदेशक कोषागार की ओर से की जाती है।
वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि वर्ष 2008 में शासन ने जिलाधिकारियों से कोषागार में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए कहा था। तब से इस संबंध में कई बार निर्देश दिया जा चुका है।
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इसके बावजूद कलेक्टर रिक्त पदों को भरने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके पीछे की वजह को लेकर कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
हाल में शासन स्तर पर हुई एक अहम बैठक में कोषागार में भर्तियां न किए जाने और इस वजह से वहां कार्यरत स्टाफ की मुश्किलों का मुद्दा उठा था।
बताया गया कि कोषागार जैसा विभाग होने की वजह से वहां संविदा या अन्य वैकल्पिक तरीके से स्टाफ नहीं रखे जा सकते हैं। बड़ी संख्या में पद रिक्त होने से कार्यरत कर्मचारियों को निर्धारित अवधि से बहुत अधिक समय तक काम करना पड़ता है।
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इसका उनके स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है। शासन की ओर से इसी बैठक में कलेक्टर की जगह लोकसेवा आयोग से भर्ती कराने के प्रस्ताव पर निर्णय से जुड़ी कार्यवाही कराने पर सहमति जता दी गई।