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यूपी: 20 हजार से अधिक बैठकों से संघ ने बिछाई जीत की बिसात
Mon, 14 Mar 2022 01:31 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 14 Mar 2022 01:31 PM IST
सार
एबीवीपी, विहिप, बजरंग दल, शैक्षिक महासंघ, दुर्गा वाहिनी सहित अन्य संगठन भी बूथ स्तर तक जुटे थे। संघ शताब्दी वर्ष के साथ अब मिशन 2024 के लिए तैयारी में लग जाएगा।
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आरएसएस (सांकेतिक)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भाजपा को प्रदेश में रिकॉर्ड मतों से दोबारा मिली जीत की बिसात राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने ही बिछाई थी। संघ और वैचारिक संगठनों ने करीब 20 हजार से अधिक बैठकें कर एक ओर जहां सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार दी, वहीं दूसरी ओर विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ खड़े किए मुद्दों पर पलटवार किया।
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संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने खुद यूपी की कमान संभाली। संघ के स्वयं सेवकों के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को युवाओं के बीच माहौल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं, शैक्षिक महासंघ को पुरानी पेंशन लागू करने के विपक्ष के वादे की हवा निकालने का काम सौंपा गया।
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विहिप, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी जैसे संगठनों ने योगी सरकार की ओर से लागू धर्मांतरण विरोधी कानून, अयोध्या में मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण, प्रयागराज में भव्य कुंभ का आयोजन, अयोध्या का दीपोत्सव और वाराणसी की देव दीपावली, कावड़ यात्रा, शक्ति पीठों के विकास जैसे मुद्दों को बहुसंख्यक समाज के बीच रखकर राष्ट्रवाद को धार दी।
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संघ के विभिन्न वैचारिक संगठनों ने करीब छह महीने पहले से अलग-अलग वर्गों के बीच पहुंचकर फीडबैक लिया। यह फीडबैक भाजपा को चुनावी रोडमैप तैयार करने में बड़ा कारगर साबित हुआ। संघ ने कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने के साथ, छुट्टा जानवरों को लेकर सरकार के खिलाफ बने माहौल को भी कम किया। साथ ही समझाया कि देश में शताब्दी वर्ष के भव्य आयोजन के लिए केंद्र में भाजपा की सरकार होना अत्यंत आवश्यक है। सूत्रों के मुताबिक संघ प्रदेश में शताब्दी वर्ष के आयोजन के साथ ही मिशन 2024 में जुटेगा।