उत्तर प्रदेश से ग्राउंड रिपोर्ट: चित्रकूट में भक्ति की पतवार करेगी सरकार की नैया पार, धर्मस्थलों के विकास से बढ़ी रोजगार की संभावना
भरत घाट पर भक्तों को धर्म के बारे में बता रहे पंडित अभिषेक चतुर्वेदी ने अमर उजाला से कहा कि कुछ समय पहले यहां के घाट और मंदिर बेहद खराब हालत में थे। उनकी साफ सफाई की भी कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। लेकिन अब मंदिरों और घाटों की दर्शनीयता अद्भुत रूप से सुंदर हो गई है...
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चालीस साल के सोनू निषाद चित्रकूट के राम घाट पर नाव चलाते हैं। चित्रकूट घूमने आए भक्तों को विभिन्न घाटों और मंदिरों के दर्शन करा कर वे अपनी आजीविका चलाते हैं। वे बताते हैं कि चित्रकूट के विकास के बाद यहां हर महीने आने वाले भक्तों की संख्या तीन लाख को पार कर गई है। इससे चित्रकूट के विभिन्न धर्म स्थलों पर रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विकास के बाद क्षेत्र के युवाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की अनेक नई संभावनाएं भी विकसित हो रही हैं। उनके जैसे लाखों युवाओं के लिए यह एक नए वरदान जैसा साबित हो रहा है।
बदल गई है चित्रकूट के घाटों की सूरत
भरत घाट पर भक्तों को धर्म के बारे में बता रहे पंडित अभिषेक चतुर्वेदी ने अमर उजाला से कहा कि कुछ समय पहले यहां के घाट और मंदिर बेहद खराब हालत में थे। उनकी साफ सफाई की भी कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। सनातन धर्म का बड़ा आस्था का केंद्र होने के बाद भी यहां घूमने आने वाले भक्तों के मन में एक प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। लेकिन जब से केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन क्षेत्रों के विकास में विशेष रुचि दिखाई है, मंदिरों और घाटों की दर्शनीयता अद्भुत रूप से सुंदर हो गई है। इससे यहां आने वाले भक्तों के मन में एक विशेष श्रद्धा का संचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे क्षेत्र का विकास करने के लिए लोग सरकार के प्रति बेहद सकारात्मक राय रखते हैं।
सभी धार्मिक स्थलों का हुआ है विकास
महर्षि वाल्मीकि आश्रम के दर्शन के लिए बांदा से आए एक शिक्षक आनंद कुमार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने केवल अयोध्या, काशी, मथुरा और केदारनाथ जैसे बड़े धार्मिक स्थलों को विकसित करने का ही काम नहीं किया है, बल्कि महर्षि वाल्मीकि आश्रम, हनुमान धारा, स्फटिक शिला, सती अनसूइया घाट, मंदाकिनी नदी के तट, गुप्त गोदावरी और अन्य धार्मिक स्थलों का बहुत अच्छी तरीके से विकास किया है। इससे न केवल यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है, बल्कि इससे लोगों की आय में भी वृद्धि हुई है। यही कारण है कि कई परेशानियों के बावजूद स्थानीय लोग सरकार के पक्ष में खड़े दिखते हैं।
रोज़गार की बढ़ी संभावनाएं, युवा उत्साहित
बीटेक की पढ़ाई कर रहे चित्रांश कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में सरकारी नौकरियों पर संकट मंडराया है और उनकी संख्या लगातार कम हुई है, लेकिन इसके बाद भी चित्रकूट में निजी क्षेत्र में लगातार रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं जिससे उनके जैसे युवाओं में आशा की किरण बंध रही है। आने वाले समय में चित्रकूट के आसपास विकास की नई और बड़ी संभावनाएं दिखाई पड़ रही हैं। केंद्र सरकार यहां पर एयरपोर्ट बना रही है। कई बड़ी कंपनियों ने यहां पर बड़े होटल और सेंटर स्थापित करने का काम किया है। शिक्षा के अनेक बड़े केंद्र और विश्वविद्यालय चित्रकूट के आसपास विकसित हुए हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी लगातार विकास हो रहा है और चित्रकूट में कई बड़े अस्पताल बने हैं। इससे युवाओं के लिए इस पूरे क्षेत्र में रोजगार और की नई संभावनाएं बनी हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र के अधिकांश युवा सरकार के लिए सकारात्मक रुख रखते हैं।
चित्रकूट में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता अवधेश शर्मा ने कहा कि सरकार ने यहां पर केवल धार्मिक क्षेत्र में ही विकास नहीं किया है, बल्कि ढांचागत सुविधाओं में भी भारी निवेश किया है। इसके साथ ही सनातन धर्म से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को पारंगत बनाने के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थान भी खुल रहे हैं। इससे आने वाले समय में चित्रकूट सनातन धर्म से जुड़ी शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है। यह युवाओं के लिए रोजगार की नई संभावनाएं लेकर भी आया है।