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यूपी: तैयार रहें, बीटीसी में होनेवाले हैं दो बड़े बदलाव!

Thu, 25 Jul 2013 12:03 AM IST
सुरभि गुप्ता
सुरभि गुप्ता Updated Thu, 25 Jul 2013 12:03 AM IST
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two big changes in upbtc

सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो अगले सत्र में बीटीसी प्रशिक्षु नया पाठ्यक्रम पढ़ेंगे। कोर्स के साथ बीटीसी का नाम भी बदलेगा। नए कोर्स का मकसद प्राइमरी के बच्चों को कान्वेंट स्कूलों की पढ़ाई के अनुरूप तैयार करना है।

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राज्य शिक्षा संस्थान के विशेषज्ञों का कहना है कि टीईटी की अनिवार्यता के बाद बीटीसी के स्वरूप में बदलाव जरूरी हो गया है।

विशेषज्ञों की बैठक में पाठ्यक्रम में बदलाव का प्रस्ताव भी बन गया है, जिसे सुझावों के रूप में एससीईआरटी को भेज भी दिया गया है। जल्द ही इस प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
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बीटीसी को लेकर बहस उसी समय से शुरू हो गई थी, जब टीईटी को अनिवार्य किया गया था। विशेषज्ञों की राय रही कि जब टीईटी शिक्षक के लिए अनिवार्य योग्यता हो गई तो बीटीसी के नाम से प्रशिक्षुओं को डिग्री देना उचित नहीं है।
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अब तक बीटीसी को शिक्षक के लिए अनिवार्य योग्यता माना जाता था। राज्य शिक्षा संस्थान के जानकारों का कहना है कि नए नियमों के मुताबिक जो प्रशिक्षु टीईटी पास नहीं कर पाएंगे, उन्हें टीचर सर्टिफिकेट देना जायज नहीं है इसलिए इसके नाम में बदलाव की जरूरत है।

नाम के साथ ही पाठ्यक्रम में भी बड़े बदलाव का प्रारूप तैयार किया गया। बदलाव के तहत अब हर सेमेस्टर में इंटर्नशिप होगी। पहले केवल चौथे सेमेस्टर में होती थी। नई प्रक्रिया से प्रशिक्षु हर सेमेस्टर में सैद्धांतिक के साथ व्यवहारिक शिक्षा भी हासिल कर सकेंगे।

पाठ्यक्रम में अब तक शिक्षा का अधिकार-2009 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क-2005 से कोई भी बिंदु शामिल नहीं किया गया था। बदलाव के क्रम में इसे शामिल किया जाएगा। छोटे जिलों के डायट में चल रही मनमानी पर रोक लग सके, इसके लिए भी कई नए प्रस्ताव रखे गए हैं।


राज्य शिक्षा संस्थान निदेशक फैजुर्रहमान ने बताया कि एससीईआरटी से अनुमोदन मिलने के बाद पाठ्यक्रम में बदलाव शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद बीटीसी की किताबें भी तैयार की जाएंगी। अब तक बीटीसी के लिए किताबों का निर्माण भी नहीं किया गया है।

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