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यूपी: छाते में मैडम, मासूम छात्रों से धूप में खिंचवा रही ठेला
मेरठ/ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2013 12:03 AM IST
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परिषदीय स्कूलों में बच्चों से झाड़ू लगवाना और पानी पिलवाना आम बात है। लेकिन सिवाया बीआरसी पर तो शिक्षिका ने मासूमों से ठेला ही खिंचवा दिया।
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मैडम खुद तो धूप से बचने के लिए छाता लगाए हुए थीं, जबकि बच्चे ठेला खींचकर तपती धूप में बेहाल हो रहे थे।
बता दें कि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत सिवाया बीआरसी पर पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया जा रहा है। अधिकारियों ने संबंधित स्कूलों पर ही बीआरसी से किताबें ले जाने की जिम्मेदारी डाल दी है।
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मंगलवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिवाया दो की प्राइमरी की शिक्षिका रेशमा बेगम बीआरसी पहुंची और अपनी पुस्तकें ठेले पर लदवा लीं। ठेला कोई चालक नहीं, बल्कि स्कूली बच्चे ही खींच रहे थे।
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हाईवे पर जब तेज धूप निकली तो मैडम ने खुद तो छाता लगा लिया, जबकि बच्चे गर्मी में हांफते हुए ठेला खींचते रहे। हाईवे पर बच्चों के साथ हादसा भी हो सकता था।
परिषदीय स्कूलों का यह आलम कोई नई बात नहीं है। मिड-डे मील के बर्तन साफ करते, झाड़ू लगाते और शौचालय साफ करते बच्चे आए दिन स्कूलों में मिलते हैं। खानापूर्ति के लिए कार्रवाई होती है, लेकिन फिर वही आलम शुरू हो जाता है।
मैं बच्चों के खाता खुलवाने बैंक गई थी। चार्ज दूसरी शिक्षिका पर था। ठेला अगर बच्चों ने खींचा है तो गलत है, इसकी जांच की जाएगी।
मंजू शर्मा, प्रधानाध्यापिका प्राइमरी स्कूल सिवाया दो
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं इस समय छुट्टी पर हूं। अब तक जितनी भी किताबें बांटी हैं, सभी स्कूलों में मैजिक द्वारा भेजी गई हैं। अगर मैडम ने बच्चों से ठेला चलवाया है तो गलत है। जांच की जाएगी।
अमरेश, एबीएसए दौराला