कार्य बहिष्कार कर की नारेबाजी
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केंद्रीय उप महासचिव इं. आरजी सिंह ने बताया कि बीते चार मार्च की देर शाम प्रमुख सचिव ऊर्जा ने बैठक कर मांग पूरी करने के लिए 72 घंटे तक का समय मांगा है। इसे लेकर संगठन के केंद्रीय नेतृत्व डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के हड़ताल का पूरा समर्थन करने की बात कही गई है और यह भी निर्णय लिया गया कि 72 घंटे के अंदर मांगे पूरी न होने की दशा में ऊर्जा निगम के समस्त अवर अभियंता भी हड़ताल में शामिल हो, जाएंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी उच्च बिजल प्रबंधन की होगी। कहा कि ऊर्जा निगम एक प्रमुख सेवा विभाग है। जो बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन तथा बिजली आपूर्ति के कार्यों में लगा हुआ है।
इन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने की दशा में प्रदेश सरकार को बड़े पैमाने पर बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा। अध्यक्षता शाखाध्यक्ष इं. संजय कुमार सिंह एवं संचालन इं. कमलेश ने की। सभा में केएस सिंह, अभय प्रताप सिंह, ओपी पाल, पंकज गुप्ता, अभिषेक यादव, दिनेश यादव, विजय गुप्ता, राहुल जायसवाल, अमित यादव, त्रियुगी नारायण, उमाशंकर आदि रहे।