कांग्रेस सांसद रशीद मसूद को चार साल की जेल
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एमबीबीएस सीट घोटाले में तीस हजारी कोर्ट ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद काजी रशीद मसूद को चार साल जेल की सजा सुनाई है।
न्यायालय के इस फैसले पर काजी की 40 साल की सियासत का भविष्य टिका था। 19 सितंबर को न्यायालय काजी को दोषी करार चुका है।
काजी को राज्यसभा और एपिडा चेयरमैन पद से भी इस्तीफा देना पड़ सकता है।
मुस्लिम सियासत के खिलाड़ी काजी रशीद मसूद 22 साल पुराने मामले में दोषी करार हो चुके हैं।
जेल जाने के साथ ही उन्हें राज्यसभा सदस्य और एपिडा चेयरमैन पद से इस्तीफा देना होगा।
पश्चिमी यूपी के कद्दावर नेताओं में शुमार काजी लगातार बेटे शाजान मसूद को राजनीतिक विराम सौंपने की कोशिश में हैं, मगर अब कांग्रेस पूरी तरह से काजी से किनारा कर सकती है।
क्या था सीट घोटाले का मामला
सीबीआई ने आरोप पत्र में कहा था कि एमबीबीएस में दाखिले के लिए त्रिपुरा के तत्कालीन स्थानीय आयुक्त गुरदयाल सिंह के जरिए 1990-91 के शैक्षणिक सत्र के लिए कुछ उम्मीदवार नामित किए गए।
मसूद और गुरदयाल ने उन उम्मीदवारों के साथ आपराधिक साजिश की, जिन्हें दाखिले के लिए नामित किया जाना था। दरअसल, त्रिपुरा में राज्य का अपना कोई मेडिकल कॉलेज नहीं है।
त्रिपुरा के योग्य और मेडिकल परीक्षा पास करने वाले छात्रों को स्वास्थ्य मंत्रालय के केंद्रीय पूल के जरिए देश के अन्य राज्यों के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में दाखिला दिलाया जाता है, मगर काजी रशीद ने इसमें अयोग्य उम्मीदवारों का चयन कर दिया था।