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कुंभ मेला कार्य में बाधा बने पीडब्ल्यूडी कर्मचारी
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Tue, 18 Dec 2012 05:47 PM IST
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महाकुंभ मेला के कार्यों में पीडब्ल्यूडी के कर्मचारी बड़ी बाधा बन गए हैं। कार्यों को समय से पूरा कराने के लिए कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की नियुक्ति मेला क्षेत्र में की गई। आदेश के 12 दिन बाद भी कर्मचारी नए तैनाती स्थल पर नहीं पहुंचे हैं। कार्य में लगे अवर अभियंता लगातार कर्मचारियों की मांग कर रहे हैं।
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कर्मचारियों की कमी से काम लगातार पिछड़ रहा है। सूत्रों की मानें तो कार्यालय में ऊपरी कमाई होने के कारण कर्मचारी मेला क्षेत्र में जाने को तैयार नहीं हैं। मेला में चकर्ड प्लेट सड़क और पांटून पुलों के निर्माण का काम काफी पिछड़ा हुआ है। आधे से ज्यादा मेला क्षेत्र में अब तक चकर्ड प्लेट ही नहीं पहुंच सकी हैं। चकर्ड प्लेट सड़क न होने के कारण अखाड़ों, संस्थाओं के काम प्रभावित हो रहे हैं।
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चकर्ड प्लेट मार्ग और पांटून पुलों के काम में तेजी लाने के लिए 197 कर्मचारियों को मेले में तैनात किया गया। यह कर्मचारी बेलदार, मेठ, चौकीदार और मल्लाह हैं। इनकी तैनाती के बारे में अधिशासी अभियंता हंसराज हंस ने 5 दिसंबर को आदेश जारी किया और तत्काल तैनाती स्थल पर पहुंचने को कहा।
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मजे की बात यह कि अधिशासी अभियंता के आदेश का इन कर्मचारियों पर जरा भी असर नहीं हैं। 5 दिसंबर से अब तक मात्र दर्जनभर कर्मचारी ही मेला क्षेत्र में पहुंचे हैं। यही कारण है की उच्चाधिकारियों के बार-बार आदेश के बावजूद पीडब्ल्यूडी का काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। सूत्रों की मानें तो कार्यालय में तैनात इन कर्मचारियों की विभाग के ठेकेदार जेब गरम करते रहे हैं, लेकिन मेले में ऐसा नहीं है, सो वह नियुक्ति स्थल पर नहीं जाना चाहते।
अफसरों के घर काम कर रहे कर्मचारी
पीडब्ल्यूडी के चतुर्थ श्रेणी के काफी कर्मचारी अफसरों के घरों में उनके निजी काम कर रहे हैं, जबकि वेतन विभाग दे रहा है। शासनादेश है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अफसरों के घरों में काम नहीं करेगा। ऐसा होता है तो कर्मचारी के वेतन की रकम अफसरों के वेतन से काटी जाएगी लेकिन यहां अफसरों पर इसका कोई असर नहीं है। कई अफसरों के कार्यालय में अतिरिक्त कर्मचारी लगे हैं।