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न चेते तो फिर किसी छात्र की जाएगी जान
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 10 Mar 2016 12:07 AM IST
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बिजली
- फोटो : अमर उजाला
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नगर कोतवाली के महकनी गांव स्थित देवनाथ जूनियर हाईस्कूल के करीब से गुजरी हाईटेंशन बिजली की लाइन से फिर कभी किसी छात्र की जान जा सकती है। इस ओर बिजली विभाग और विद्यालय प्रबंधन दोनों लापरवाह बने हुए हैं। स्कूल के जिम्मेदारों संग बिजली विभाग न चेता फिर किसी घर में कोहराम मच सकता है। उधर, करंट की चपेट में आने से मरे छात्र का बुधवार को परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
नगर कोतवाली के कटराइंद्रकुंवर निवासी सुखनाथ सिंह की तीन वर्ष पहले मौत हो गई थी। जिसके चलते उसका दामाद जगेसर अपने परिवार के साथ आकर रहने लगा। जगेसर का बेटा आयुष महकनी के देवनाथ जूनियर हाईस्कूल में कक्षा दो का छात्र था। मंगलवार को वह इंटरवल में बैग स्कूल में छोड़कर घर चला गया। स्कूल बंद होने के बाद शाम को वह बैग लेने स्कूल आया। उस समय स्कूल में साफ-सफाई हो रही थी। बैग लेने के बाद वह स्कूल की छत पर चला गया और शहतूत तोड़ने लगा। अचानक पेड़ के बीच से गुजरे हाईटेंशन बिजली की लाइन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
दो भाइयों में सबसे छोटे बेटे आयुष की मौत की खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। बुधवार की सुबह उसके शव को गांव में ही दफना दिया गया। ग्रामीणों की मानें तो मृतक परिवार के लोगों ने शिकायत करने से इनकार कर दिया। इस हादसे के बाद भी यदि बिजली की लाइन स्कूल के करीब ही बरकरार रही तो दूसरे छात्रों की जान के लिए खतरा बना रहेगा। जिसे हटाने के लिए बिजली विभाग के साथ ही स्कूल प्रबंधन को भी भागदौड़ करनी होगी। अन्यथा छात्रों के जीवन पर संकट के बादल मंडराते रहेंगे। इस बारे में स्कूल प्रबंधक से बात करने का प्रयास कई बार किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। चौकी प्रभारी सिटी वजीउल्ला ने बताया कि किसी ने इस तरह की कोई शिकायत नहीं की। वह स्वयं मामला दिखवाएंगे। स्कूल के करीब से बिजली की लाइन हटवाने के लिए भी जिम्मेदारों से बात करेंगे।
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नगर कोतवाली के कटराइंद्रकुंवर निवासी सुखनाथ सिंह की तीन वर्ष पहले मौत हो गई थी। जिसके चलते उसका दामाद जगेसर अपने परिवार के साथ आकर रहने लगा। जगेसर का बेटा आयुष महकनी के देवनाथ जूनियर हाईस्कूल में कक्षा दो का छात्र था। मंगलवार को वह इंटरवल में बैग स्कूल में छोड़कर घर चला गया। स्कूल बंद होने के बाद शाम को वह बैग लेने स्कूल आया। उस समय स्कूल में साफ-सफाई हो रही थी। बैग लेने के बाद वह स्कूल की छत पर चला गया और शहतूत तोड़ने लगा। अचानक पेड़ के बीच से गुजरे हाईटेंशन बिजली की लाइन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
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दो भाइयों में सबसे छोटे बेटे आयुष की मौत की खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। बुधवार की सुबह उसके शव को गांव में ही दफना दिया गया। ग्रामीणों की मानें तो मृतक परिवार के लोगों ने शिकायत करने से इनकार कर दिया। इस हादसे के बाद भी यदि बिजली की लाइन स्कूल के करीब ही बरकरार रही तो दूसरे छात्रों की जान के लिए खतरा बना रहेगा। जिसे हटाने के लिए बिजली विभाग के साथ ही स्कूल प्रबंधन को भी भागदौड़ करनी होगी। अन्यथा छात्रों के जीवन पर संकट के बादल मंडराते रहेंगे। इस बारे में स्कूल प्रबंधक से बात करने का प्रयास कई बार किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। चौकी प्रभारी सिटी वजीउल्ला ने बताया कि किसी ने इस तरह की कोई शिकायत नहीं की। वह स्वयं मामला दिखवाएंगे। स्कूल के करीब से बिजली की लाइन हटवाने के लिए भी जिम्मेदारों से बात करेंगे।
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