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पुलिस की पढ़ाई का हिस्सा बनेंगे फांसी के दो ‘फंदे’
पुनीत शर्मा/मुरादाबाद
Updated Sat, 04 May 2013 01:11 AM IST
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दिल दहला देने वाले यूपी और पंजाब के दो केस अब पुलिस की पढ़ाई का हिस्सा बनने वाले हैं।
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तफ्तीश की बारीकियां सीखने जा रहे हजारों जवान और अफसर जहां बावनखेड़ी की खलनायिका शबनम की कहानी सुनेंगे वहीं होशियारपुर के छात्र अभिवर्मा हत्याकांड की इन्वेस्टीगेशन पर स्टडी करेंगे।
यह दोनों केस विरल से विरलतम माने गए हैं। डिप्टी एसपी, दारोगा और इंसपेक्टर के ट्रेनिंग कोर्स में यह दोनों केस शामिल किए जा रहे हैं।
अकादमी के डायरेक्टर एके जैन ने बताया कि इन मुकदमों के विवेचक भी गेस्ट लेक्चरर के रूप में बुलाए जाएंगे।
केस वन-यूपी में बावनखेड़ी नरसंहार
14/15 अप्रैल 2008 की रात को अमरोहा जिले के गांव बावनखेड़ी में मास्टर शौकत अली, उनकी पत्नी हाशमी, बेटों अनीस और राशिद, बहू अंजुम, दस माह के पोते अर्श और भांजी राबिया की खून से लथपथ लाशें घर में ही अलग-अलग कमरों में उनके बिस्तरों पर पड़ी मिलीं।
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अर्श को गला घोंटकर मारा गया था जबकि बाकी सभी के गले कुल्हाड़ी से काटे गए थे। केवल गृहस्वामी की इकलौती बेटी शबनम जिंदा बची थी जो वारदात के वक्त घर में ही थी।
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पुलिस ने सर्विलांस की मदद से जब शबनम का अतीत खंगाला तो उसकी गांव के ही सलीम के साथ दो दिन में 1266 कॉल निकलीं।
पुलिस ने सलीम को उठाकर पूछताछ की तो वो टूट गया और शबनम के साथ रिश्ते कबूलने के साथ ही नरसंहार का खुलासा भी कर दिया।
प्रेमी के टूटने के बाद शबनम ने भी पुलिस के सामने सच उगल दिया। बाद में यही शबनम जेल में बिन ब्याहे मां बनी। अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई। हाईकोर्ट ने भी फांसी बरकरार रखी है।
अभि वर्मा मर्डर केस
पंजाब के होशियारपुर निवासी सर्राफ रवि वर्मा के बेटे अभि वर्मा का अपहरण 14 फरवरी 2005 को उस वक्त किया गया था जब वह डीएवी स्कूल में पढ़ने के लिए जा रहा था। पुलिस ने रवि वर्मा के फोन को सर्विलांस पर लगा दिया।
फिरौती के लिए फोन आने लगे। पचास लाख रुपये मांगे जा रहे थे। बदमाशों को जब पुलिस की सक्रियता पता चली तो इन्होंने अभि वर्मा की हत्या करके शव सड़क किनारे फेंक दिया।
पुलिस को तीन लोग मिले जिन्होंने कहा कि एक आल्टो से बच्चे का अपहरण किया गया। शहर के करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक खंडहर नुमा मकान में जब पुलिस पहुंची तो वहां कुछ नशीले इंजेक्शन मिले।
एक इंजेक्शन के रेपर द्वारा पुलिस मेडिकल स्टोर तक पहुंची। जसवीर को गिरफ्तार किया गया। जसवीर की पत्नी सोनिया गिरफ्तार हुई।
तीसरा मुजरिम था विक्रम। अदालत ने तीनों को फांसी की सजा सुनाई। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस केस को विरल से विरलतम मानते हुए फांसी की सजा बरकरार रखी। केवल सोनिया की फांसी उम्रकैद में तब्दील की गई थी।