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सराफा कारोबारियों ने बजाया भैंस के आगे बीन
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Fri, 11 Mar 2016 10:49 PM IST
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सराफा कारोबारिययिं का प्रदर्शन।
- फोटो : pilibhit, beureu
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एक्साइज ड्यूटी के विरोध में भैंस के आगे बीन बजाकर कर प्रदर्शन कर रहे सराफा व्यापारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। हालांकि पुलिस के जाते ही व्यापारियों ने भैंस के आगे बीन बजाकर अपना विरोध जताया। व्यापारियों ने कहा कि केंद्र सरकार उनके जायज आंदोलन के मामले में भैंस के आगे बीन बजाने की कहावत को ही चरितार्थ कर रही है।
जिले का सराफा कारोबार दसवें दिन भी ठप रहा। सराफा एसोसिएशन के बैनर तले शहर के मोतीराम चौराहा पर व्यापारियों ने शुक्रवार को भी नारेबाजी कर धरना दिया। व्यापारियों ने चौराहे पर विरोध स्वरूप भैंस के आगे बीन बजाने का निर्णय लिया। आंदोलन शुरू होने से पहले ही वहां पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने आंदोलन के इस तरीके पर आपत्ति करते हुए व्यापारियों को ऐसा करने से रोक दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में झड़प हो गई। कुछ देर बाद पुलिस चली गई। पुलिस के जाते ही व्यापारियों ने चौराहे के समीप ही भैंस के आगे बीन बजाकर विरोध जताया। इस दौरान धरनास्थल पर हुई सभा में महामंत्री शैली अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों का आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, लेकिन पुलिस अनावश्यक रूप से धरना-प्रदर्शन को रोकने का प्रयास कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इधर, अध्यक्ष जग्गोबाबू की अध्यक्षता में हुई सभा के दौरान धरनास्थल पर न आने वाले सराफा व्यापरियों के घर-घर जाकर उनसे धरनास्थल पर आने का आग्रह करने का निर्णय लिया गया। धरना देने वालों में आशु अग्रवाल, आलोक अग्रवाल, त्रिलोक अग्रवाल, रचित अग्रवाल, साकेत अग्रवाल, विदित अग्रवाल, हरीबाबू अग्रवाल, पंकज रस्तोगी, नीरज रस्तोगी, अचल रस्तोगी, श्रीभगवान अग्रवाल, प्रदीप सिंघल, राजीव अग्रवाल, ओमप्रकाश, नरेंद्र अग्रवाल, श्याम अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, सजल अग्रवाल, भोला अग्रवाल आदि व्यापारी शामिल रहे।
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जिले का सराफा कारोबार दसवें दिन भी ठप रहा। सराफा एसोसिएशन के बैनर तले शहर के मोतीराम चौराहा पर व्यापारियों ने शुक्रवार को भी नारेबाजी कर धरना दिया। व्यापारियों ने चौराहे पर विरोध स्वरूप भैंस के आगे बीन बजाने का निर्णय लिया। आंदोलन शुरू होने से पहले ही वहां पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने आंदोलन के इस तरीके पर आपत्ति करते हुए व्यापारियों को ऐसा करने से रोक दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में झड़प हो गई। कुछ देर बाद पुलिस चली गई। पुलिस के जाते ही व्यापारियों ने चौराहे के समीप ही भैंस के आगे बीन बजाकर विरोध जताया। इस दौरान धरनास्थल पर हुई सभा में महामंत्री शैली अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों का आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, लेकिन पुलिस अनावश्यक रूप से धरना-प्रदर्शन को रोकने का प्रयास कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इधर, अध्यक्ष जग्गोबाबू की अध्यक्षता में हुई सभा के दौरान धरनास्थल पर न आने वाले सराफा व्यापरियों के घर-घर जाकर उनसे धरनास्थल पर आने का आग्रह करने का निर्णय लिया गया। धरना देने वालों में आशु अग्रवाल, आलोक अग्रवाल, त्रिलोक अग्रवाल, रचित अग्रवाल, साकेत अग्रवाल, विदित अग्रवाल, हरीबाबू अग्रवाल, पंकज रस्तोगी, नीरज रस्तोगी, अचल रस्तोगी, श्रीभगवान अग्रवाल, प्रदीप सिंघल, राजीव अग्रवाल, ओमप्रकाश, नरेंद्र अग्रवाल, श्याम अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, सजल अग्रवाल, भोला अग्रवाल आदि व्यापारी शामिल रहे।
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