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कुंडा कांड में पहली गिरफ्तारी, परवीन ने मांगी सुरक्षा
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2013 12:51 AM IST
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उत्तर प्रदेश के कुंडा में हुए तिहरे हत्याकांड में सीबीआई ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
जांच एजेंसी ने ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या के आरोप में उसके विरोधी कामता पाल के दो बेटों अजय व विजय पाल को रविवार को गिरफ्तार कर लिया।
मामले में तीनों ही कत्ल के मामले में सीबीआई द्वारा यह पहली गिरफ्तारी है। सीबीआई दोनों भाइयों को नन्हें की हत्या का मुख्य आरोपी मान रही है। जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ साक्ष्य भी जुटा लिए हैं।
सीबीआई इन दोनों को पिछले कई दिनों से तलाश रही थी और उन्हें हाजिर होने के लिए नोटिस भी दिया जा चुका था लेकिन इसके बाद भी वह हाजिर नहीं हो रहे थे।
सीबीआई ने दोनों भाइयों को रविवार को कुंडा से ही गिरफ्तार करने का दावा किया है। दोनों के ही हत्या में शामिल होने की सीबीआई को कई लोगों ने गवाही दी थी।
ठोस साक्ष्य मिले
सीबीआई का कहना है कि दोनों के खिलाफ कई गवाहों के बयान के साथ ही हैं। इसमें नन्हें की हत्या में चलाई गई गोलियों के खोखे और हत्या की साजिश के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन के सिम कार्ड आदि शामिल हैं।
सीबीआई का कहना है कि कामता पाल से हुई पूछताछ में भी दोनों की भूमिका का जिक्र सामने आ चुका है। इन दोनों को अब अदालत के सामने पेश करने के बाद सीबीआई उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। इसके लिए अदालत में आवेदन किया जाना है।
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मामले की जांच से जुड़े सीबीआई टीम के सदस्यों का कहना है कि अभी तक की पड़ताल में जो साक्ष्य व संकेत सामने आए हैं उनसे पूरा मामला किसी सुनियोजित और गहरी साजिश का नतीजा लग रहा है।
सीबीआई का कहना है कि कामता पाल और नन्हें के बीच की आपसी वैमन्सयता को कुछ लोगों ने सोची समझी रणनीति के तहत हवा दी।
साजिश की आशंका
मामले के पीछे पूर्व मंत्री राजा भैया और उनके करीबियों का हाथ होने की संभावना व आरोप को सीबीआई ने अभी जांच से परे नहीं किया है।
सीबीआई का मानना है कि जिस तरह एकाएक नन्हें की हत्या हुई और उसके फौरन बाद हक पर लोगों ने हमला किया वह सब ऐसा लगता है कि जैसे किसी ने लोगों को साजिशन एक जगह एकत्र कर उन्हें वारदात के लिए भड़काया।
हमलावरों में से कुछ की पूर्व मंत्री राजा भैया व उनके खास लोगों से नजदीकी की बात पहले ही सामने आ चुकी है। सीबीआई की प्रवक्ता धारिणी मिश्र ने माना कि सीबीआई ने हालांकि दोनों भाइयों को नन्हें के कत्ल में गिरफ्तार किया है पर इस पूरे प्रकरण में किसी उच्च व गहरी साजिश के होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
सुरक्षा इंतजाम की मांग
दूसरी ओर शहीद डीएसपी जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद ने उच्च अधिकारियों से नौ अप्रैल को देवरिया स्थित सीओ के पैतृक आवास पर की है।
इस दिन सीओ का चालीसवां होना है। परवीन ने बताया कि चालीसवां संस्कार जाफर नूनखार देवरिया में नौ अप्रैल को होगा। इस मौके पर परिवार के सभी सदस्य व अन्य लोग उपस्थित रहेंगे।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दे दी है और आवश्यक सुरक्षा बंदोबस्त की भी गुजारिश की है।
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जांच एजेंसी ने ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या के आरोप में उसके विरोधी कामता पाल के दो बेटों अजय व विजय पाल को रविवार को गिरफ्तार कर लिया।
मामले में तीनों ही कत्ल के मामले में सीबीआई द्वारा यह पहली गिरफ्तारी है। सीबीआई दोनों भाइयों को नन्हें की हत्या का मुख्य आरोपी मान रही है। जांच एजेंसी ने उनके खिलाफ साक्ष्य भी जुटा लिए हैं।
सीबीआई इन दोनों को पिछले कई दिनों से तलाश रही थी और उन्हें हाजिर होने के लिए नोटिस भी दिया जा चुका था लेकिन इसके बाद भी वह हाजिर नहीं हो रहे थे।
सीबीआई ने दोनों भाइयों को रविवार को कुंडा से ही गिरफ्तार करने का दावा किया है। दोनों के ही हत्या में शामिल होने की सीबीआई को कई लोगों ने गवाही दी थी।
ठोस साक्ष्य मिले
सीबीआई का कहना है कि दोनों के खिलाफ कई गवाहों के बयान के साथ ही हैं। इसमें नन्हें की हत्या में चलाई गई गोलियों के खोखे और हत्या की साजिश के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन के सिम कार्ड आदि शामिल हैं।
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सीबीआई का कहना है कि कामता पाल से हुई पूछताछ में भी दोनों की भूमिका का जिक्र सामने आ चुका है। इन दोनों को अब अदालत के सामने पेश करने के बाद सीबीआई उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। इसके लिए अदालत में आवेदन किया जाना है।
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मामले की जांच से जुड़े सीबीआई टीम के सदस्यों का कहना है कि अभी तक की पड़ताल में जो साक्ष्य व संकेत सामने आए हैं उनसे पूरा मामला किसी सुनियोजित और गहरी साजिश का नतीजा लग रहा है।
सीबीआई का कहना है कि कामता पाल और नन्हें के बीच की आपसी वैमन्सयता को कुछ लोगों ने सोची समझी रणनीति के तहत हवा दी।
साजिश की आशंका
मामले के पीछे पूर्व मंत्री राजा भैया और उनके करीबियों का हाथ होने की संभावना व आरोप को सीबीआई ने अभी जांच से परे नहीं किया है।
सीबीआई का मानना है कि जिस तरह एकाएक नन्हें की हत्या हुई और उसके फौरन बाद हक पर लोगों ने हमला किया वह सब ऐसा लगता है कि जैसे किसी ने लोगों को साजिशन एक जगह एकत्र कर उन्हें वारदात के लिए भड़काया।
हमलावरों में से कुछ की पूर्व मंत्री राजा भैया व उनके खास लोगों से नजदीकी की बात पहले ही सामने आ चुकी है। सीबीआई की प्रवक्ता धारिणी मिश्र ने माना कि सीबीआई ने हालांकि दोनों भाइयों को नन्हें के कत्ल में गिरफ्तार किया है पर इस पूरे प्रकरण में किसी उच्च व गहरी साजिश के होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
सुरक्षा इंतजाम की मांग
दूसरी ओर शहीद डीएसपी जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद ने उच्च अधिकारियों से नौ अप्रैल को देवरिया स्थित सीओ के पैतृक आवास पर की है।
इस दिन सीओ का चालीसवां होना है। परवीन ने बताया कि चालीसवां संस्कार जाफर नूनखार देवरिया में नौ अप्रैल को होगा। इस मौके पर परिवार के सभी सदस्य व अन्य लोग उपस्थित रहेंगे।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दे दी है और आवश्यक सुरक्षा बंदोबस्त की भी गुजारिश की है।