फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   panchayat election in up : Pardesi voters also trump card in panchayat elections of Uttar Pradesh

ग्राउंड रिपोर्ट: पंचायत चुनाव में 'ट्रंप कार्ड' बने परदेसी वोटर, गांव लौटे मजदूरों की भूमिका अहम

Mon, 12 Apr 2021 11:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा मनीष मिश्र, सिद़्धार्थनगर/बस्ती/बहराइच/चित्रकूट
मनीष मिश्र, सिद़्धार्थनगर/बस्ती/बहराइच/चित्रकूट Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 12 Apr 2021 11:56 AM IST
सार

  • बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच घर लौट रहे हैं प्रवासी मजदूर
  • प्रवासी मजदूरों का वोट पाने के लिए दावेदार अपना रहे हैं नए-नए हथकंडे

विज्ञापन
panchayat election in up : Pardesi voters also trump card in panchayat elections of Uttar Pradesh
सिद्धार्थनगर के बढ़नी से नेपाल में इन दिनों बढ़ गई है लोगों की आवाजाही... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी के पंचायत चुनावों में दूसरे राज्यों में रह रहे परदेसी मतदाताओं के साथ लॉकडाउन में गांव लौटे मजदूरों की भूमिका काफी अहम है। पूर्वांचल और बुंदेलखंड के जिलों से दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों में गए लाखों मजदूरों को बुलाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रत्याशी उन्हें लाने के लिए टिकट और बसों का इंतजाम करने में लग गए हैं। 

विज्ञापन


केन्द्र सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार यूपी के 32.49 लाख मजदूर गांव लौटे। इनमें बड़ी संख्या पूर्वांचल के 20 जिलों के मजदूरों की है। वापस आए मजदूरों में आधे के आसपास काम की तलाश में लौट गए। उन्हें भी वापस बुलाया जा  रहा है। 
विज्ञापन


चुनाव यूपी में, प्रचार मुंबई में...मुंबई में उत्तर भारतीय महासंघ के महासचिव इंजीनियर इम्तियाज अली का गांव के 350 मतदाताओं पर प्रभाव है। वह बताते हैं, “कई लोग तो मुंबई में मीटिंग करके गए हैं। हमारी प्रॉपर्टी गांव में है, इसलिए दखल रखना पड़ता है। मजदूरों के साथ मीटिंग होती रहती है, किसे वोट देना है? हम उनकी मदद करते हैं तो वो हमारी बात सुनते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


मतदाता के आने-जाने का इंतजाम प्रत्याशी करते हैं
नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले के गांव बजहा में 3287 मतदाता हैं, इनमें से 500 बड़े शहरों में रहते हैं। अन्य गांवों के 20-30% वोटर भी बड़े शहरों में रहते हैं। परदेसी वोटरों को मतदान में लाने के लिए आने-जाने का किराया-भाड़ा देने के साथ ही गांवों में कॉलोनी और अन्य सुविधाओं का लालच दिया जाता है। 


मुंबई या दिल्ली से लोग पूरी की पूरी बोगी बुक कर चुनावों में अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए पहुंचते हैं। धनौरा में प्रधानी का चुनाव लड़ चुके मुन्ना यादव बताते हैं, हमारे गांव में मुस्लिम आबादी अधिक है, कुल मतदाता 1700 के करीब हैं, इनमें से 400 लोग बाहर बड़े शहरों में रहते हैं। प्रत्याशी उनके आने जाने का इंतजाम करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed