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अब पानी से चलेगी मशीन, बचेगा ईंधन
चंदौसी (संभल)/ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2013 01:31 AM IST
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चंदौसी तहसील निवासी सोहनलाल ने जल दाब से चलने वाली ऐसी मशीन का आविष्कार किया है जिससे खेतों की सिंचाईं लागत घटाई जा सकती है। मशीन को चलाने के लिए एक बार ईंधन की जरूरत पड़ेगी।
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इसके बाद यह मशीन पानी के प्रेशर से काफी समय तक चल सकेगी। आविष्कार विकसित होता है तो किसानों को राहत मिलेगी।
ईंधन बचाने की मशीन के अन्वेषण को अब मुकाम मिलने की उम्मीदें नजर आ रही हैं क्योंकि देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने खुद इस मशीन की ड्राइंग देखी है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के अधिकारियों से कहा है कि आविष्कार को विकसित करने के बारे में संभावनाओं का पता लगाएं।
लखनऊ में 10 मई को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ने नव प्रवर्तन प्रदर्शनी का आयोजन किया था।
इसी मौके पर अपने स्टॉल में चंदौसी तहसील के खजरा खाकम निवासी सोहनलाल ने राष्ट्रपति के सामने अपनी ईंधन बचाने वाली वाटर प्रेशर मशीन का ब्योरा प्रस्तुत किया।
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साथ ही कहा कि यदि यह मशीन विकसित होकर किसानों को मिल जाए तो ईंधन का खर्च घटेगा। अब परिषद पता लगाएगी कि ईधन बचाने के लिए मशीन कितनी कारगार है और इसे विकसित करने को क्या करना होगा।
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