{"_id":"7ef8dd6a-5552-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"now-smart-card-allowed-in-up-instead-of-mst","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: बस में अब एमएसटी नहीं स्मार्ट कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: बस में अब एमएसटी नहीं स्मार्ट कार्ड
लखनऊ/नरेश शर्मा
Updated Thu, 03 Jan 2013 08:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिवहन निगम की बस में दैनिक यात्री एमएसटी के बजाय अब ‘स्मार्ट कार्ड’ से सफर करेंगे। निगम एमएसटी पर सफर करने वाले दैनिक यात्रियों के लिये ‘स्मार्ट कार्ड’ बनाएगा। इसी तरह निशक्तजनों के लिए अब पास के बजाय स्मार्ट कार्ड ही जारी होगा। स्मार्ट कार्ड में कम्प्यूट्राइज्ड चिप लगी होगी। कंडक्टर जैसे ही स्मार्ट कार्ड को इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) में स्वैप करेंगे यात्री का विवरण डेटा सेंटर में दर्ज हो जाएगा।
विज्ञापन
यह ‘स्मार्ट कार्ड’ योजना इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के जरिए लागू होगी। केंद्र सरकार के परिवहन मंत्रालय के सहयोग से इस योजना को लागू करने के लिए कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। अब सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी का चयन करने के लिए टेंडर निकला जाएगा। सबसे कम रेट पर कार्र्य करने वाली आईटी कंपनी से निगम अनुबंध करके ‘स्मार्ट कार्ड’ बनाने से लेकर कई अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं मुहैया कराने का अनुबंध करेगा।
विज्ञापन
निगम इस योजना पर अनुमानित 38.25 करोड़ रुपए खर्च करेगा, जिसमें केंद्र सरकार 50 फीसदी धनराशि यानी 19 करोड़ से अधिक रुपए अनुदान के रूप में देगी। आईटीएमएस योजना के लागू होने से परिवहन अधिकारियों एवं यात्रियों को पांच तरह की सुविधाएं हासिल होंगी। इसके लिए निगम मुख्यालय स्तर पर एक डेटा सेंटर बनेगा।
विज्ञापन
इस डेटा सेंटर से कंडक्टरों की ईटीएम कनेक्ट होगी। वहीं निगम की वेबसाइट के माध्यम से ही घर बैठे यात्री सीट का ऑनलाइन आरक्षण करा सकेंगे। यहीं नहीं डेटा सेंटर से निगम मुख्यालय, क्षेत्रीय एवं डिपो दफ्तर जुड़ेंगे, जिससे यहां के अफसर रूट पर निकली किसी भी बस की लोकेशन की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
क्या है प्रीपेड यात्री पास
निगम आईटीएमएस योजना के लागू होने पर किमी आधारित प्रीपेड यात्री पास बनाने का सिलसिला शुरू करेगा। यह प्रीपेड यात्री पास कंपनियों के लिए सुविधाजनक होगा। वे अपने कर्मियों को टूर पर भेजने के लिए यह प्रीपेड यात्री पास का इस्तेमाल कर सकेंगी। कंडक्टर इस प्रीपेड यात्री पास को ईटीएम से स्वैप कराकर उसकी वैधता की जांच कर भाड़ा वसूल सकेगा।
सुविधाएं
1- रियायती यात्रा के ‘स्मार्ट कार्ड’ बनेंगे
2- ऑनलाइन टिकट का आरक्षण होगा
3- किमी आधारित प्रीपेड यात्री पास जारी होंगे
4- डेटा सेंटर से कनेक्ट होगी ईटीएम
5- रूट पर बस की लोकेशन पता चलेगी
'परिवहन निगम में इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम साल भर केभीतर लागू हो जाएगा। इससे यात्रियों के साथ ही अधिकारियों को तमाम सुविधाएं हासिल होंगी। इसके लिए केंद्र सरकार के द्वारा योजना पर खर्च होनी वाली धनराशि की 50 फीसदी धनराशि अनुदान के रूप में मिलेगी।'
- आलोक कुमार, प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम