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राजनीतिक संरक्षण से व्यवसाय बन गई है इंजीनियरिंग शिक्षा

Sat, 21 Sep 2013 01:58 AM IST
अमर उजाला, नोएडा
अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 21 Sep 2013 01:58 AM IST
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Engineering education has become a political patronage job

नोएडा में दिल्ली मेट्रो रेल निगम के प्रमुख सलाहकार और पूर्व प्रबंध निदेशक पद्य विभूषण ई. श्रीधरन ने कहा कि ज्यादातर इंजीनियरिंग कॉलेज राजनीतिक संरक्षण के साथ सिर्फ व्यवसाय का जरिया बने हुए हैं।

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अधिकांश कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक, समक्ष प्रोफेसर और प्रतिबद्ध प्राचार्य नहीं हैं। सुविधाएं दोयम दर्जे की और मूल्यांकन सुस्त है। कॉलेज की छवि के मुताबिक छात्रों को नंबर दिए जा रहे हैं।
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कुछ यूनिवर्सिटी में छात्रों को अपने स्तर पर ही प्रमोट किया जा रहा है। देश में इंजीनियरिंग स्टैंडर्ड के गिरने का यह सबसे बड़ा कारण है।

सेक्टर-62 स्थित जेएसएस इंस्टीट्यूट में आयोजित महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एमटीयू) के पहले दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में ई. श्रीधरन ने संबोधित किया।
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उन्होंने कहा कि उनके समय में इंजीनियरिंग शिक्षा मूल्य, अचार-विचार, ईमानदारी को समेटे बुनियादी और मौलिक सिद्धांतों पर हासिल की जाती थी, जो सिस्टम आज के समय में पूरी तरह से खत्म हो चुका है।

श्रीधरन से कहा कि एक सर्वे के मुताबिक सिर्फ 12 फीसदी इंजीनियर ग्रेजुएट ही रोजगार के लायक हैं। 52 फीसदी को ट्रेनिंग के बाद ही इंडस्ट्री के काबिल बनाया जा सकता है जबकि 36 फीसदी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट तो प्रशिक्षण तक के भी लायक नहीं हैं। ये हालात बेहद चिंताजनक हैं।

सैद्धांतिक मूल्यों की बात करते हुए उन्होंने एमटीयू की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी का विजन और मिशन लाजवाब है। तीन साल में ही यूनिवर्सिटी ने अच्छी उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने एमटीयू के वीसी से गुजारिश करते हुए कहा कि सभी अंडर ग्रेजुएट कोर्सेज में सप्ताह में तीन बार एक-एक घंटे के लिए भगवद् गीता के पाठ की क्लास जरूरी कर दी जाए, क्योंकि गीता के सिद्धांत किसी धर्म से नहीं जुड़े हैं ये सभी पर लागू होते हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत एमटीयू के चांसलर और प्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी, वाइस चांसलर प्रोफेसर एसके काक, प्रिंसिपल सेक्रेटरी-टेक्निकल एजुकेशन नीरज कुमार गुप्ता और ई. श्रीधरन ने की।

प्रोफेसर काक ने एमटीयू की रिपोर्ट पेश करते हुए यूनिवर्सिटी के इंटेल के साथ एक्सीलेंस सेंटर, टाटा मैकग्रॉ हिल के साथ ई-कंटेंट, एकेडमिक मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी तमाम उपलब्धियां और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की जानकारी दी।

इसके बाद यूनिवर्सिटी के एमबीए, एमसीए, एमटेक और एमफार्मा कॉलेजों के पास आउट (70 फीसदी या अधिक अंक वाले) लगभग एक हजार छात्रों को डिग्री प्रदान की गई।

मंच से सभी कोर्सेज के टॉपर्स को गोल्ड और सिल्वर मैडल के साथ डिग्री दी गई। बाकी सभी छात्रों को उनके कॉलेजों के निदेशकों द्वारा डिग्री प्रदान की गई। समारोह के जरिये एमटीयू के चांसलर बीएल जोशी ने ई. श्रीधरन को डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि प्रदान की।

टैलेंट पूल में यूपी नबंर-2 पर: राज्यपाल
दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी ने कहा कि 2015 तक देश को टैलेंट पूल देने के मामले में यूपी नंबर-2 पर है। एसेंचर टैलेंट मैपिंग स्टडी में यह साबित हुआ है।

सीआईआई ने भी कहा है कि 2004 से यूपी सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्यात में चौथे स्थान पर है। ये आंकड़े प्रदेश की यूनिवर्सिटी से पास हो रहे ग्रेजुएट्स की काबिलियत दर्शाते हैं।

इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (आईएलओ) की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 तक टॉप औद्योगिक देशों में 6 करोड़ पेशेवरों की जरूरत होगी। इस ग्लोबल डिमांड के लिए भारत तैयार है।


मौजूदा समय में उच्च शिक्षा में चुनौतियां हैं लेकिन एमटीयू अपना काम बखूबी निभा रही है। यूनिवर्सिटी का एकेडमिक मॉनिटरिंग सिस्टम 385 कॉलेजों की 16 हजार फैकल्टी और 2.25 लाख छात्रों को इंट्रेक्टिव प्लेटफॉर्म दे रहा है जो शानदार उपलब्धि है।

ये हैं गोल्ड मेडलिस्ट
एमबीए (सत्र 2010-12)    साक्षी आहू (केआईईटी, गाजियाबाद)
एमबीए (सत्र 2011-13)    शिल्पी गोयल (केबीईएस, गाजियाबाद)
एमसीए (सत्र 2010-13)    सुगंधा अग्रवाल (एमआईईटी, मेरठ)

ये हैं सिल्वर मेडलिस्ट
एमबीए (सत्र 2010-12)    चारू गोयल (केआईईटी, गाजियाबाद)
एमबीए (सत्र 2011-13)    रिझु बंसल (जेएसएस, नोएडा)
एमसीए (सत्र 2010-13)    प्रियंका त्यागी (केआईईटी, गाजियाबाद)

एमटेक सत्र 2010-12 के गोल्ड मेडलिस्ट
कंप्यूटर साइंस    महजबीं खातून    जेएसएस, नोएडा
एडवांस इले. एंड कम्यूनिकेशन    नीरजा सिंह    जेएसएस, नोएडा
बायोटेक्नोलॉजी    रिचा यादव    आईएमएस, गाजियाबाद
कंप्यूटर एडिड डिजाइन    नीरज कुमार शर्मा        एनआईईटी, ग्रेटर नोएडा
इले. पावर एंड एनर्जी सिस्टम    गुंजन वार्ष्णेय    एकेजीईसी, गाजियाबाद
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन    नेहा सिंघल    केआईईटी, गाजियाबाद
इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी    रिद्धी मल्होत्रा    गलगोटिया कॉलेज
मैन्यूफेक्चरिंग सिस्टम    रिचा    जेएसएस, नोएडा
पावर इलेक्ट्रॉनिक्स    विनीता    केआईईटी, गाजियाबाद
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग    दीपक त्यागी    एनआईईटी, ग्रेटर नोएडा    
टेलीकम्यूनिकेशन    सोनिया गुप्ता    एनआईईटी, ग्रेटर नोएडा    
वीएलएसआई सिस्टम    कनिका जिंदल    एनआईईटी, ग्रेटर नोएडा

एमफार्मा सत्र 2010-12 के गोल्ड मेडलिस्ट
फार्मास्यूटिकल केमिस्ट्री    स्नेहा सिंह    केआईईटी गाजियाबाद
फार्मास्यूटिक्स    स्निग्धा भारद्वाज    एमआईईटी, मेरठ
फार्माकॉग्नोसी    पल्लवी    रामईश, ग्रेटर नोएडा
फार्माकॉलोजी    हिमांशु गुप्ता    एमआईईटी, मेरठ

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