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हर्ष फायरिंग में रागिनी गायक की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 10 Mar 2016 12:22 AM IST
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Firing
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खतौली गांव अंतवाड़ा निवासी रागिनी कलाकार की फलावदा के गांव नैडू में हर्ष फायरिंग में मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया और गांव में गम का माहौल है।
अंतवाड़ा गांव निवासी धनपाल अपनी भतीजी की लगन सगाई लेकर बुधवार की सुबह मेरठ के थाना फलावदा के गांव नैडू में पूर्व जिला पंचायत सदस्य भारतवीर के यहां गया था।
गांव निवासी रागिनी कलाकार जोगेंद्र उर्फ लीलू (38) पुत्र धनपाल भी सगाई चढ़ाने के लिए साथ में गया था। वहां हर्ष फायरिंग में गोली लगने से उसकी मौत हो गई। जोगेंद्र की मौत से नैडू और अंतवाड़ा में शादी समारोह की खुशियां मातम में बदल गईं। गायक जोगेंद्र की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बृहस्पतिवार को धनपाल की भतीजी की नैडी गांव से बारात अंतवाड़ा में आनी है।
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गांव का लाड़ला था जोगेंद्र
गांव अंतवाड़ा के लोगों का लाड़ला था जोगेंद्र। गांव की मंडली के साथ जहां भी जोगेंद्र रागिनी प्रतियोगिता में जाता था। गांव के लोग उसकी रागिनी सुनने पहुंच जाते थे। गांव के सभी लोग जोगेंद्र से बहुत लाड़ करते थे। गांव के लोगों के बीच से आज जोगेंद्र हमेशा के लिए चला गया।
इनाम जीतकर किया नाम रोशन
खतौली। गांव अंतवाड़ा के रागिनी कलाकार जोगेंद्र ने प्रसिद्ध रागिनी कलाकारों ललित शर्मा, निशा शर्मा, सतपाल दोसा, गौतम भाटी, सुरेंद्र भाटी, मनोज, करमपाल शर्मा आदि के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया था। 2015 में राजस्थान के कोटा में हुए रागिनी प्रतियोगिता में जोगेंद्र ने ढाई लाख रुपये का इनाम जीतकर जनपद व अपने गांव का नाम रोशन किया था। कई और प्रतियोगिताओं में उसने पुरस्कार जीता था।
चंदा कैसेट कंपनी की ओर से भी जोगेंद्र की कई रागिनी प्रतियोगिता की कैसेट बनी है। जोगेंद्र का दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा व राजस्थान में नाम था। जोगेंद्र का पिता धनपाल भी रागिनी कलाकार था। जिनकी मृत्यु हो चुकी है। जोगेंद्र के साथ गांव की मंडली में प्रमोद, नरेश, नीटू, अजीत, सुरेंद्र, राजेंद्र बैजू मास्टर, विजय बैंसला, आदेश आदि थे। साथी कलाकार की मौत से मंडली भी गमजदा है।
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अंतवाड़ा गांव निवासी धनपाल अपनी भतीजी की लगन सगाई लेकर बुधवार की सुबह मेरठ के थाना फलावदा के गांव नैडू में पूर्व जिला पंचायत सदस्य भारतवीर के यहां गया था।
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गांव निवासी रागिनी कलाकार जोगेंद्र उर्फ लीलू (38) पुत्र धनपाल भी सगाई चढ़ाने के लिए साथ में गया था। वहां हर्ष फायरिंग में गोली लगने से उसकी मौत हो गई। जोगेंद्र की मौत से नैडू और अंतवाड़ा में शादी समारोह की खुशियां मातम में बदल गईं। गायक जोगेंद्र की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बृहस्पतिवार को धनपाल की भतीजी की नैडी गांव से बारात अंतवाड़ा में आनी है।
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गांव का लाड़ला था जोगेंद्र
गांव अंतवाड़ा के लोगों का लाड़ला था जोगेंद्र। गांव की मंडली के साथ जहां भी जोगेंद्र रागिनी प्रतियोगिता में जाता था। गांव के लोग उसकी रागिनी सुनने पहुंच जाते थे। गांव के सभी लोग जोगेंद्र से बहुत लाड़ करते थे। गांव के लोगों के बीच से आज जोगेंद्र हमेशा के लिए चला गया।
इनाम जीतकर किया नाम रोशन
खतौली। गांव अंतवाड़ा के रागिनी कलाकार जोगेंद्र ने प्रसिद्ध रागिनी कलाकारों ललित शर्मा, निशा शर्मा, सतपाल दोसा, गौतम भाटी, सुरेंद्र भाटी, मनोज, करमपाल शर्मा आदि के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया था। 2015 में राजस्थान के कोटा में हुए रागिनी प्रतियोगिता में जोगेंद्र ने ढाई लाख रुपये का इनाम जीतकर जनपद व अपने गांव का नाम रोशन किया था। कई और प्रतियोगिताओं में उसने पुरस्कार जीता था।
चंदा कैसेट कंपनी की ओर से भी जोगेंद्र की कई रागिनी प्रतियोगिता की कैसेट बनी है। जोगेंद्र का दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा व राजस्थान में नाम था। जोगेंद्र का पिता धनपाल भी रागिनी कलाकार था। जिनकी मृत्यु हो चुकी है। जोगेंद्र के साथ गांव की मंडली में प्रमोद, नरेश, नीटू, अजीत, सुरेंद्र, राजेंद्र बैजू मास्टर, विजय बैंसला, आदेश आदि थे। साथी कलाकार की मौत से मंडली भी गमजदा है।