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पार्षदों के विरोध से दुकानें नहीं हो सकी नीलाम
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
Updated Wed, 09 Mar 2016 01:20 AM IST
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पार्षदों का विरोध
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। मंगलवार को नगर पालिका की 28 दुकानों की खुली नीलामी की जानी थी, लेकिन कुछ पार्षदों व पार्षद पति के विरोध करने पर नीलामी प्रक्रिया एक बार फिर से स्थगित कर दी गई। इसके पहले भी नीलामी प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी।
नगर पालिका कार्यालय में घंटाघर के पास निर्मित डा. शादीलाल कांपलेक्स के प्रथम तल की 13 दुुकानों, सुपर मार्केट स्थित मां कर्माबाई कांपलेक्स में चार दुकानों, गेंदालाल पेट्रोल पंप के पास स्थित राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन कामर्शियल कांपलेक्स में द्वितीय तल पर निर्मित 10 दुकानों और नझाई बाजार स्थित डा. भीमराव अंबेडकर कांपलेक्स में निर्मित क्रमांक 22 की दुकान की मंगलवार को नीलामी होनी थी। नगर पालिका ने सुबह साढ़े 10 बजे से बोली लगाने वालों की जमानत राशि जमा करना शुरू कर दिया था। साढ़े 12 बजे तक करीब 100 बोली लगाने वालों की जमानत राशि जमा कर ली गई थी। लेकिन, कुछ पार्षदों व पार्षद पति ने नीलामी प्रक्रिया का विरोध करते हुए नीलामी में त्रुटिपूर्ण आरक्षण की बात कही व नीलामी निरस्त कराने की मांग की। उनकी मांग पर अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल को जानकारी दी और उनके निर्देश पर नीलामी स्थगित कर दी गई।
इस मौके पर सदर विधायक रमेश कुशवाहा, समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष अजीज कुरैशी, पार्षद मो. इदरीश राइन, गिरधारी यादव, भवानी सिंह यादव, सुरेंद्र सिंह यादव, रूपेश श्रीवास्तव, कर अधीक्षक हेमंत सिंह, प्रदीप सिंह सौंरियाल, सिकंदर खां, नरेंद्र राठौर, राजीव कुमार आदि उपस्थित रहे।
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दूसरी बार स्थगित होने का किया विरोध
गत माह उक्त दुकानों की नीलामी की जा रही थी, लेकिन कुछ व्यापारियों ने विभागीय अधिकारियों पर गड़बड़ियों के आरोप लगाए थे, जिसके कारण नीलामी प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। मंगलवार को दूसरी बार नीलामी बैठक आयोजित की गई थी। नीलामी में भाग लेने के लिए बोली लगाने वालों से प्रत्येक दुकान के लिए 25-25 हजार रुपये जमानत राशि जमा कराई गई थी, जिसमें एक सैकड़ा से अधिक लोगों ने जमानत राशि जमा की थी। पार्षदों के विरोध पर नीलामी प्रक्रिया स्थगित होने पर बोली लगाने वालों ने पालिका का विरोध किया। अधिकारियों ने किसी तरह उनको समझाया व उनकी जमानत राशि वापस की।
कब हुईं आगे की चार दुकानें नीलाम?
गैंदालाल पेट्रोल पंप के पास स्थित राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन कामर्शियल कांपलेक्स में द्वितीय तल पर कुल 14 दुकानें बनी हैं। इनमें से 10 दुकानों को इस नीलामी में शामिल किया गया था, जिनके क्रमांक 02 से 05, 08 से 12 एवं 14 हैं। नीलामी में भाग लेने के लिए लोगों ने अधिशासी अधिकारी का घेराव कर बाकी की चार दुकानों की नीलामी कब हुई इसके बारे में जानकारी चाही। उनका आरोप था कि आगे की चार दुकानें क्रमांक 01, 06, 07 और 13 को गुपचुप नीलाम कर दिया गया है। इस पर अधिशासी अधिकारी ने जांच कराने की बात कही।
आरक्षण के आधार पर हो रही थी नीलामी
भले ही कुछ पार्षदों ने नगर पालिका पर दुुकानों के आरक्षण में त्रुटि होने का आरोप लगाया हो, पर पालिका का कहना है उन्होंने आरक्षण संबंधी शासनादेश के आधार पर ही दुकानों में आरक्षण निर्धारित किया है। डा. शादीलाल कांपलेक्स संगठित विकास योजना के अंतर्गत बनाया गया है, इस कांपलेक्स के निर्माण के दौरान ही दुकानों का आरक्षण निर्धारित हो गया था। इस कांपलेक्स में निर्मित 23 नंबर दुकान विकलांग के लिए आरक्षित है।
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नगर पालिका कार्यालय में घंटाघर के पास निर्मित डा. शादीलाल कांपलेक्स के प्रथम तल की 13 दुुकानों, सुपर मार्केट स्थित मां कर्माबाई कांपलेक्स में चार दुकानों, गेंदालाल पेट्रोल पंप के पास स्थित राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन कामर्शियल कांपलेक्स में द्वितीय तल पर निर्मित 10 दुकानों और नझाई बाजार स्थित डा. भीमराव अंबेडकर कांपलेक्स में निर्मित क्रमांक 22 की दुकान की मंगलवार को नीलामी होनी थी। नगर पालिका ने सुबह साढ़े 10 बजे से बोली लगाने वालों की जमानत राशि जमा करना शुरू कर दिया था। साढ़े 12 बजे तक करीब 100 बोली लगाने वालों की जमानत राशि जमा कर ली गई थी। लेकिन, कुछ पार्षदों व पार्षद पति ने नीलामी प्रक्रिया का विरोध करते हुए नीलामी में त्रुटिपूर्ण आरक्षण की बात कही व नीलामी निरस्त कराने की मांग की। उनकी मांग पर अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल को जानकारी दी और उनके निर्देश पर नीलामी स्थगित कर दी गई।
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इस मौके पर सदर विधायक रमेश कुशवाहा, समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष अजीज कुरैशी, पार्षद मो. इदरीश राइन, गिरधारी यादव, भवानी सिंह यादव, सुरेंद्र सिंह यादव, रूपेश श्रीवास्तव, कर अधीक्षक हेमंत सिंह, प्रदीप सिंह सौंरियाल, सिकंदर खां, नरेंद्र राठौर, राजीव कुमार आदि उपस्थित रहे।
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दूसरी बार स्थगित होने का किया विरोध
गत माह उक्त दुकानों की नीलामी की जा रही थी, लेकिन कुछ व्यापारियों ने विभागीय अधिकारियों पर गड़बड़ियों के आरोप लगाए थे, जिसके कारण नीलामी प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी। मंगलवार को दूसरी बार नीलामी बैठक आयोजित की गई थी। नीलामी में भाग लेने के लिए बोली लगाने वालों से प्रत्येक दुकान के लिए 25-25 हजार रुपये जमानत राशि जमा कराई गई थी, जिसमें एक सैकड़ा से अधिक लोगों ने जमानत राशि जमा की थी। पार्षदों के विरोध पर नीलामी प्रक्रिया स्थगित होने पर बोली लगाने वालों ने पालिका का विरोध किया। अधिकारियों ने किसी तरह उनको समझाया व उनकी जमानत राशि वापस की।
कब हुईं आगे की चार दुकानें नीलाम?
गैंदालाल पेट्रोल पंप के पास स्थित राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन कामर्शियल कांपलेक्स में द्वितीय तल पर कुल 14 दुकानें बनी हैं। इनमें से 10 दुकानों को इस नीलामी में शामिल किया गया था, जिनके क्रमांक 02 से 05, 08 से 12 एवं 14 हैं। नीलामी में भाग लेने के लिए लोगों ने अधिशासी अधिकारी का घेराव कर बाकी की चार दुकानों की नीलामी कब हुई इसके बारे में जानकारी चाही। उनका आरोप था कि आगे की चार दुकानें क्रमांक 01, 06, 07 और 13 को गुपचुप नीलाम कर दिया गया है। इस पर अधिशासी अधिकारी ने जांच कराने की बात कही।
आरक्षण के आधार पर हो रही थी नीलामी
भले ही कुछ पार्षदों ने नगर पालिका पर दुुकानों के आरक्षण में त्रुटि होने का आरोप लगाया हो, पर पालिका का कहना है उन्होंने आरक्षण संबंधी शासनादेश के आधार पर ही दुकानों में आरक्षण निर्धारित किया है। डा. शादीलाल कांपलेक्स संगठित विकास योजना के अंतर्गत बनाया गया है, इस कांपलेक्स के निर्माण के दौरान ही दुकानों का आरक्षण निर्धारित हो गया था। इस कांपलेक्स में निर्मित 23 नंबर दुकान विकलांग के लिए आरक्षित है।