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किशोरी का बयान दर्ज करने में लापरवाही पर दरोगा सस्पेंड
ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 11 Mar 2016 10:20 PM IST
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किशोरी के फांसी लगाने का मामला
- फोटो : अमर उजाला
महिला अल्पावास गृह में किशोरी के फांसी लगाने का मामला
डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
शहर से सटे सलेमपुुर कोन स्थित महिला अल्पावास गृह में बुधवार की रात फांसी लगाकर किशोरी के आत्महत्या करने के मामले में एसपी अखिलेश चौरसिया ने मुकदमे की विवेचना कर रहे फूलबेहड़ थाने के एसआई मंजेश कुमार यादव को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने मामले की जांच सीओ धौरहरा मनोज यादव को सौंपी है। उधर, जिलाधिकारी ने मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
बता दें कि सलेमपुर कोन स्थित उत्तर प्रदेश समाज कल्याण बोर्ड लखनऊ से सहायता प्राप्त महिला अल्पावास गृह में निरुद्ध थाना फूलबेहड़ क्षेत्र के एक गांव की किशोरी ने बुधवार की रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इस किशोरी के पिता ने पड़ोसी युवक पर अपनी बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था। किशोरी 17 फरवरी से अल्पावास में निरुद्ध थी जबकि युवक को जेल भिजवा दिया गया था। विवेचक मंजेश यादव ने किशोरी का मेडिकल तो करवा दिया था लेकिन धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिलाने के लिए 22 दिनों तक किशोरी को कोर्ट में नहीं कराया। इस दौरान डिप्रेशन में आई किशोरी ने बुधवार रात अल्पावास गृह में फांसी लगा ली।
घटना के बाद किशोरी के परिवारीजनों ने पुलिस और अल्पावास के स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस पर जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता से लिया। एसपी अखिलेश चौरसिया ने एसआई एवं विवेचक मंजेश कुमार यादव को प्रथमदृष्ट्या जिम्मेदार मानते हुए तत्काल सस्पेंड कर मामले की जांच सीओ धौरहरा मनोज यादव को सौंप दी है।
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जिलाधिकारी किंजल सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश एडीएम को दिए। एडीएम एसपी सिंह ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट पीके सिंह को जांच सौंपी है।
किशोरी की मौत छोड़ गई कई सवाल
महिला अल्पावास में 22 दिन से निरुद्ध किशोरी के फांसी लगाकर खुदकुशी करने के मामले में पुलिस-प्रशासन के अधिकारी जांच कर रहे हैं लेकिन घटना कई सवाल छोड़ गई। अल्पावास में सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही के चलते किशोरी ने फांसी लगाई और किसी को भनक तक नहीं लगी। ऐसे में अल्पावास में निरुद्ध लड़कियों के अभिभावक अब अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद हैं। अल्पावास में इस समय 25 लड़कियां और महिलाएं रहती हैं लेकिन उनकी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। रात में भी कोई स्टाफ नहीं रुकता। अल्पावास की अधीक्षिका राधा गुप्ता ने बताया कि समिति के सदस्यों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें सुरक्षा इंतजामों आदि पर विचार विमर्श किया जाएगा।
अल्पावास गृह में दो अन्य संस्थाएं भी संचालित
सलेमपुर कोन स्थित महिला अल्पावास के कैंपस में एक एनजीओ दो और संस्थाओं का संचालन कर रहा है। इसमें परिवार परामर्श केंद्र और 18 वर्ष तक की बालिकाओं के लिए बाल गृह शामिल है। किशोरी का शव इसी बाल गृह बालिका आवास के हिस्से में फांसी से लटकता मिला था। सूत्र बताते हैं कि इस बाल गृह संस्था में भी स्टाफ रखा गया है लेकिन घटना वाली रात कोई मौजूद नहीं था। हालांकि अधीक्षिका राधा गुप्ता का कहना है कि बाल गृह को अभी मान्यता नहीं मिली है इसलिए स्टाफ नहीं रखा गया है।
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डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
शहर से सटे सलेमपुुर कोन स्थित महिला अल्पावास गृह में बुधवार की रात फांसी लगाकर किशोरी के आत्महत्या करने के मामले में एसपी अखिलेश चौरसिया ने मुकदमे की विवेचना कर रहे फूलबेहड़ थाने के एसआई मंजेश कुमार यादव को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने मामले की जांच सीओ धौरहरा मनोज यादव को सौंपी है। उधर, जिलाधिकारी ने मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।
बता दें कि सलेमपुर कोन स्थित उत्तर प्रदेश समाज कल्याण बोर्ड लखनऊ से सहायता प्राप्त महिला अल्पावास गृह में निरुद्ध थाना फूलबेहड़ क्षेत्र के एक गांव की किशोरी ने बुधवार की रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इस किशोरी के पिता ने पड़ोसी युवक पर अपनी बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था। किशोरी 17 फरवरी से अल्पावास में निरुद्ध थी जबकि युवक को जेल भिजवा दिया गया था। विवेचक मंजेश यादव ने किशोरी का मेडिकल तो करवा दिया था लेकिन धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिलाने के लिए 22 दिनों तक किशोरी को कोर्ट में नहीं कराया। इस दौरान डिप्रेशन में आई किशोरी ने बुधवार रात अल्पावास गृह में फांसी लगा ली।
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घटना के बाद किशोरी के परिवारीजनों ने पुलिस और अल्पावास के स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस पर जिला प्रशासन ने मामले की गंभीरता से लिया। एसपी अखिलेश चौरसिया ने एसआई एवं विवेचक मंजेश कुमार यादव को प्रथमदृष्ट्या जिम्मेदार मानते हुए तत्काल सस्पेंड कर मामले की जांच सीओ धौरहरा मनोज यादव को सौंप दी है।
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जिलाधिकारी किंजल सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश एडीएम को दिए। एडीएम एसपी सिंह ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट पीके सिंह को जांच सौंपी है।
किशोरी की मौत छोड़ गई कई सवाल
महिला अल्पावास में 22 दिन से निरुद्ध किशोरी के फांसी लगाकर खुदकुशी करने के मामले में पुलिस-प्रशासन के अधिकारी जांच कर रहे हैं लेकिन घटना कई सवाल छोड़ गई। अल्पावास में सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही के चलते किशोरी ने फांसी लगाई और किसी को भनक तक नहीं लगी। ऐसे में अल्पावास में निरुद्ध लड़कियों के अभिभावक अब अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद हैं। अल्पावास में इस समय 25 लड़कियां और महिलाएं रहती हैं लेकिन उनकी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। रात में भी कोई स्टाफ नहीं रुकता। अल्पावास की अधीक्षिका राधा गुप्ता ने बताया कि समिति के सदस्यों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें सुरक्षा इंतजामों आदि पर विचार विमर्श किया जाएगा।
अल्पावास गृह में दो अन्य संस्थाएं भी संचालित
सलेमपुर कोन स्थित महिला अल्पावास के कैंपस में एक एनजीओ दो और संस्थाओं का संचालन कर रहा है। इसमें परिवार परामर्श केंद्र और 18 वर्ष तक की बालिकाओं के लिए बाल गृह शामिल है। किशोरी का शव इसी बाल गृह बालिका आवास के हिस्से में फांसी से लटकता मिला था। सूत्र बताते हैं कि इस बाल गृह संस्था में भी स्टाफ रखा गया है लेकिन घटना वाली रात कोई मौजूद नहीं था। हालांकि अधीक्षिका राधा गुप्ता का कहना है कि बाल गृह को अभी मान्यता नहीं मिली है इसलिए स्टाफ नहीं रखा गया है।