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प्रेमिका की खातिर पति ने ही करा दी थी पत्नी की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 08 Mar 2016 11:10 PM IST
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आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
महेवागंज अंतर्गत प्रेमिका की चाहत में पति ने ही अपनी पत्नी की योजनाबद्ध तरीके से हत्या कराई थी, जिसमें भाड़े के हत्यारों की मदद ली गई थी। आरती की हत्या और लूटकांड मामले का खुलासा करते हुए पुलिस और क्राइम ब्रांच ने आरोपी पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चालान भेजा है। पुलिस ने हत्याकांड में प्रयोग किया गया तमंचा भी बरामद करने का दावा किया है। एसपी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि सीतापुर सदर कोतवाली के मोहल्ला लोनियनपुरवा निवासी आशीष ने ही अपनी पत्नी 26 वर्षीय आरती की हत्या भाड़े के हत्यारों से कराई थी। किसी को शक न हो इसलिए लूट की योजना भी गढ़ी। एक मार्च 2016 को जमीन का बैनामा कराने के बहाने आशीष अपनी पत्नी आरती को कार से हरसिंहपुर स्थित ससुराल चलने की बात कहकर घर से निकला था। किसी को शक न हो इसलिए आशीष ने कमलापुर थाना क्षेत्र के जाजपुर निवासी फुफेरे भाई रामनिवास उर्फ प्रदीप को भी साथ ले लिया था। मंगलवार की रात करीब 10 बजे बाइक सवार सीतापुर के मोहल्ला लोनियनपुरवा निवासी ऋषभ और सीतापुर के ही मोहल्ला शास्त्रीनगर निवासी विनय उर्फ कुलदीप ने कार रोककर आशीष और रामनिवास को कुछ दूर बांधकर डाल दिया था, जबकि आरती के पास मौजूद रुपये लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरती के सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
ग्रामीणों के साथ पुलिस को भी छकाया
घटना वाली रात पत्नी की मौत हो जाने से निश्चिंत आशीष अग्गरखुर्द गांव की ओर भागा और बदमाशों द्वारा पत्नी की हत्या और रुपये लूटने की कहानी गढ़ी। रात में ही ग्रामीणों की भीड़ बदमाशों की तलाश में जुट गई। साथ ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। काफी देर चली छानबीन के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ। एसपी अखिलेश चौरसिया और एएसपी एपी सिंह, सीओ मनोज यादव ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया था। एसपी ने एसओ फूलचंद और क्राइम ब्रांच को जल्द वर्क आउट के निर्देश दिए थे। मंगलवार को बसैगापुर के निकट पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना मे प्रयुक्त तमंचा और कारतूस भी बरामद किया है।
तलाक की जटिल प्रक्रिया से बचना चाहता था
आरोपी आशीष की शादी उसके पिता ने जल्द ही करीब 13 साल पहले कर दी थी, जब वह कक्षा 11 में पढ़ रहा था। इस शादी के समय आशीष ने विरोध भी किया था, लेकिन उसकी एक नहीं चली। पूछताछ में आशीष ने बताया है कि हाईस्कूल में उसका एक लड़की के प्रति आकर्षण था, लेकिन आरती से शादी होने के बाद वह छह बच्चों का पिता बन गया। इस दौरान उसकी जिंदगी में एक और लड़की ने दस्तक दे दी, जिससे शादी करने के लिए आशीष ने आरती को रास्ते से हटाने का प्लान बनाना शुरू कर दिया था। तलाक की प्रक्रिया काफी जटिल होने के चलते उसे मर्डर का प्लान ठीक लगा, जिस पर अमल करते हुए उसने आरती को ठिकाने भी लगा दिया।
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घटना से पहले सुंदरवल में खरीदा था तार
हत्या की वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी ऋषभ और विनय ने सुंदरवल में तीन मीटर तार खरीदा था, जिससे आशीष और रामनरेश को पेड़ में बांधा गया था। ताकि मर्डर की घटना को लूट दर्शाया जा सके।
हत्या से पहले अभियुक्तों ने की थी रेकी
हत्याकांड में शामिल अभियुक्त ऋषभ और विनय ने कुछ दिन पहले इलाके की रेकी थी और घटना को अंजाम देने के लिए सुरक्षित स्थान चुना था। ताकि घटना के बाद फरार होने में आसानी रहे। इसका खुलासा सर्विलांस की मदद से हुआ।
ऐसे हुआ खुलासा
सीओ धौरहरा मनोज यादव के अनुसार अभियुक्त ऋषभ आपराधिक प्रवृत्ति का है, जिसने कुछ दिन पहले सीतापुर में ही लूट करते हुए मोबाइल छीना था। लूटे मोबाइल का प्रयोग उसने वारदात को अंजाम देने के लिए किया। सर्विलांस की मदद से नंबर को ट्रेस कर पड़ताल की गई तो सारा माजरा खुलकर सामने आ गया, क्योंकि रेकी के दौरान रास्ता भटकने पर अभियुक्तों ने एक बार आशीष को काल की थी।
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ग्रामीणों के साथ पुलिस को भी छकाया
घटना वाली रात पत्नी की मौत हो जाने से निश्चिंत आशीष अग्गरखुर्द गांव की ओर भागा और बदमाशों द्वारा पत्नी की हत्या और रुपये लूटने की कहानी गढ़ी। रात में ही ग्रामीणों की भीड़ बदमाशों की तलाश में जुट गई। साथ ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। काफी देर चली छानबीन के बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ। एसपी अखिलेश चौरसिया और एएसपी एपी सिंह, सीओ मनोज यादव ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया था। एसपी ने एसओ फूलचंद और क्राइम ब्रांच को जल्द वर्क आउट के निर्देश दिए थे। मंगलवार को बसैगापुर के निकट पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना मे प्रयुक्त तमंचा और कारतूस भी बरामद किया है।
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तलाक की जटिल प्रक्रिया से बचना चाहता था
आरोपी आशीष की शादी उसके पिता ने जल्द ही करीब 13 साल पहले कर दी थी, जब वह कक्षा 11 में पढ़ रहा था। इस शादी के समय आशीष ने विरोध भी किया था, लेकिन उसकी एक नहीं चली। पूछताछ में आशीष ने बताया है कि हाईस्कूल में उसका एक लड़की के प्रति आकर्षण था, लेकिन आरती से शादी होने के बाद वह छह बच्चों का पिता बन गया। इस दौरान उसकी जिंदगी में एक और लड़की ने दस्तक दे दी, जिससे शादी करने के लिए आशीष ने आरती को रास्ते से हटाने का प्लान बनाना शुरू कर दिया था। तलाक की प्रक्रिया काफी जटिल होने के चलते उसे मर्डर का प्लान ठीक लगा, जिस पर अमल करते हुए उसने आरती को ठिकाने भी लगा दिया।
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घटना से पहले सुंदरवल में खरीदा था तार
हत्या की वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपी ऋषभ और विनय ने सुंदरवल में तीन मीटर तार खरीदा था, जिससे आशीष और रामनरेश को पेड़ में बांधा गया था। ताकि मर्डर की घटना को लूट दर्शाया जा सके।
हत्या से पहले अभियुक्तों ने की थी रेकी
हत्याकांड में शामिल अभियुक्त ऋषभ और विनय ने कुछ दिन पहले इलाके की रेकी थी और घटना को अंजाम देने के लिए सुरक्षित स्थान चुना था। ताकि घटना के बाद फरार होने में आसानी रहे। इसका खुलासा सर्विलांस की मदद से हुआ।
ऐसे हुआ खुलासा
सीओ धौरहरा मनोज यादव के अनुसार अभियुक्त ऋषभ आपराधिक प्रवृत्ति का है, जिसने कुछ दिन पहले सीतापुर में ही लूट करते हुए मोबाइल छीना था। लूटे मोबाइल का प्रयोग उसने वारदात को अंजाम देने के लिए किया। सर्विलांस की मदद से नंबर को ट्रेस कर पड़ताल की गई तो सारा माजरा खुलकर सामने आ गया, क्योंकि रेकी के दौरान रास्ता भटकने पर अभियुक्तों ने एक बार आशीष को काल की थी।