{"_id":"6ab416855061c4596d0b03db","slug":"six-cases-of-dengue-and-malaria-detected-at-the-district-hospital-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-154324-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kasganj News: जिला अस्पताल में मिले छह डेंगू-मलेरिया संक्रमित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kasganj News: जिला अस्पताल में मिले छह डेंगू-मलेरिया संक्रमित
विज्ञापन
कासगंज। जिला अस्पताल में बुधवार को एक ही दिन में छह नए मरीज संक्रमित पाए गए, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। मानसून की विदाई और बदलते मौसम के बीच जिले में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग और आम जनता की चिंता बढ़ गई है।
जिला अस्पताल में बुधवार को डेंगू और मलेरिया के कुल 179 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच की गई। इनमें से 33 लोगों की डेंगू जांच में चार मरीज पॉजिटिव मिले। वहीं, 146 मलेरिया संदिग्धों में से दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एक ही दिन में छह मरीजों के संक्रमित मिलने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, डेंगू की चपेट में आने वालों में रसूलपुर मारहरा, एटा निवासी देवराज और उनके भाई विनय, अचलपुर मिरहची एटा निवासी कमलेश पुत्र रामवीर सिंह, तथा गंजडुंडवारा, कासगंज के भवानी नगला निवासी श्यामवीर पुत्र सरवन शामिल हैं। इसके अलावा मलेरिया जांच में भी दो अन्य मरीज संक्रमित पाए गए हैं। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चिकित्सकों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- --
ओपीडी में उमड़ी भारी भीड़
बदलते मौसम का असर अस्पतालों की ओपीडी पर भी साफ देखने को मिल रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 1816 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें सबसे अधिक संख्या बुखार और सांस के मरीजों की रही। बुखार के कुल 311 मरीज पहुंचे, जिसमें 12 वर्ष से अधिक उम्र के 168 और 12 वर्ष से कम उम्र के 143 बच्चे शामिल हैं। सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे 262 मरीजों ने उपचार कराया, जिनमें 174 वयस्क और 88 बच्चे शामिल हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
लक्षण और बचाव के उपाय
डेंगू के लक्षण: तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे तेज दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में भयंकर दर्द, अत्यधिक तेज बुखार, जी मिचलाना और त्वचा पर लाल चकत्ते (रैश) उभरना।
मलेरिया के लक्षण: कंपकंपी छूटकर तेज ठंड के साथ बुखार आना, अत्यधिक पसीना निकलना, सिरदर्द, कमजोरी और बदन दर्द।
- डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, डिब्बे और अन्य बर्तनों में जमा पानी नियमित रूप से खाली करें। मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और शाम के समय मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
वर्जन
जिला अस्पताल में की गई जांच में चार मरीज डेंगू संक्रमित मिले हैं इनमें तीन एटा जिले के हैं। डेंगू व मलेरिया के लक्षणों को नजर अंदाज न करें। जांच अवश्य कराएं- डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस
विज्ञापन
जिला अस्पताल में बुधवार को डेंगू और मलेरिया के कुल 179 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच की गई। इनमें से 33 लोगों की डेंगू जांच में चार मरीज पॉजिटिव मिले। वहीं, 146 मलेरिया संदिग्धों में से दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एक ही दिन में छह मरीजों के संक्रमित मिलने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, डेंगू की चपेट में आने वालों में रसूलपुर मारहरा, एटा निवासी देवराज और उनके भाई विनय, अचलपुर मिरहची एटा निवासी कमलेश पुत्र रामवीर सिंह, तथा गंजडुंडवारा, कासगंज के भवानी नगला निवासी श्यामवीर पुत्र सरवन शामिल हैं। इसके अलावा मलेरिया जांच में भी दो अन्य मरीज संक्रमित पाए गए हैं। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चिकित्सकों ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विज्ञापन
ओपीडी में उमड़ी भारी भीड़
बदलते मौसम का असर अस्पतालों की ओपीडी पर भी साफ देखने को मिल रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 1816 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें सबसे अधिक संख्या बुखार और सांस के मरीजों की रही। बुखार के कुल 311 मरीज पहुंचे, जिसमें 12 वर्ष से अधिक उम्र के 168 और 12 वर्ष से कम उम्र के 143 बच्चे शामिल हैं। सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे 262 मरीजों ने उपचार कराया, जिनमें 174 वयस्क और 88 बच्चे शामिल हैं।
लक्षण और बचाव के उपाय
डेंगू के लक्षण: तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे तेज दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में भयंकर दर्द, अत्यधिक तेज बुखार, जी मिचलाना और त्वचा पर लाल चकत्ते (रैश) उभरना।
मलेरिया के लक्षण: कंपकंपी छूटकर तेज ठंड के साथ बुखार आना, अत्यधिक पसीना निकलना, सिरदर्द, कमजोरी और बदन दर्द।
- डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, डिब्बे और अन्य बर्तनों में जमा पानी नियमित रूप से खाली करें। मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और शाम के समय मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
वर्जन
जिला अस्पताल में की गई जांच में चार मरीज डेंगू संक्रमित मिले हैं इनमें तीन एटा जिले के हैं। डेंगू व मलेरिया के लक्षणों को नजर अंदाज न करें। जांच अवश्य कराएं- डॉ. संजीव सक्सेना, सीएमएस