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Kasganj News: हनुमान की पूंछ से जल उठी रावण की सोने की लंका
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फोटो51कासगंज के प्रभुपार्क में श्रीराम लीला मंचन के दौरान जलती रावण की लंका। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
कासगंज। नदरई गेट स्थित प्रभु पार्क में चल रही रामलीला में रविवार को लंका दहन का मंचन आकर्षण का केंद्र रहा। हनुमान स्वरूप ने जैसे ही लंका में आग लगाई, कारीगरों की ओर से तैयार स्वर्णनगरी धू-धू कर जल उठी। इस दौरान जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा परिसर गूंज उठा। रात में बारहद्वारी मंच पर भी लंका दहन की लीला का मंचन किया गया।
प्रभु पार्क में दिन की लीला में श्रीराम और लक्ष्मण के हनुमान जी से मिलन का प्रसंग दिखाया गया। हनुमान जी दोनों भाइयों को सुग्रीव के पास ले गए, जहां अग्नि को साक्षी मानकर उनकी मित्रता कराई गई। इसके बाद बाली-सुग्रीव युद्ध और श्रीराम के हाथों बाली के वध का मंचन हुआ।
अगले प्रसंग में माता सीता की खोज में निकले वानर दल को समुद्र तट पर पहुंचते दिखाया गया। जाम्बवंत के स्मरण कराने पर हनुमान जी को अपनी शक्ति का एहसास हुआ और वह समुद्र लांघकर लंका पहुंच गए।
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रास्ते में सुरसा ने उनका मार्ग रोककर परीक्षा ली। हनुमान जी ने अपनी बुद्धिमत्ता से उसे संतुष्ट किया और आगे बढ़ गए। लंका पहुंचकर हनुमान जी ने अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट की। इसके बाद रावण की सभा में संवाद और उनकी पूंछ में आग लगाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
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प्रभु पार्क में दिन की लीला में श्रीराम और लक्ष्मण के हनुमान जी से मिलन का प्रसंग दिखाया गया। हनुमान जी दोनों भाइयों को सुग्रीव के पास ले गए, जहां अग्नि को साक्षी मानकर उनकी मित्रता कराई गई। इसके बाद बाली-सुग्रीव युद्ध और श्रीराम के हाथों बाली के वध का मंचन हुआ।
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अगले प्रसंग में माता सीता की खोज में निकले वानर दल को समुद्र तट पर पहुंचते दिखाया गया। जाम्बवंत के स्मरण कराने पर हनुमान जी को अपनी शक्ति का एहसास हुआ और वह समुद्र लांघकर लंका पहुंच गए।
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रास्ते में सुरसा ने उनका मार्ग रोककर परीक्षा ली। हनुमान जी ने अपनी बुद्धिमत्ता से उसे संतुष्ट किया और आगे बढ़ गए। लंका पहुंचकर हनुमान जी ने अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट की। इसके बाद रावण की सभा में संवाद और उनकी पूंछ में आग लगाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।