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Kasganj News: तेज बुखार और अकड़ी गर्दन को न करें नजरअंदाज
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कासगंज। तेज बुखार और सिरदर्द के साथ गर्दन में अकड़न हो तो इसे सामान्य संक्रमण समझकर टालना भारी पड़ सकता है। उल्टी, रोशनी से परेशानी, अत्यधिक सुस्ती, दौरे या बेहोशी जैसे लक्षण मेनिनजाइटिस की ओर इशारा कर सकते हैं। यह मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को ढकने वाली झिल्लियों में सूजन पैदा करने वाली गंभीर बीमारी है, जो कुछ मामलों में तेजी से गंभीर रूप ले सकती है।
सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना बताते हैं कि मेनिनजाइटिस बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या अन्य कारणों से हो सकता है। बीमारी के कारण और प्रकार के अनुसार उपचार तय किया जाता है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचना चाहिए।
बच्चों में इसके संकेत अलग रूप में दिखाई दे सकते हैं। लगातार रोना, चिड़चिड़ापन, दूध या खाना न खाना, अत्यधिक सुस्ती और झटके आना भी चेतावनी के संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर देरी किए बिना चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
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लक्षणों को पहचानें
-तेज बुखार और लगातार सिरदर्द
-गर्दन में अकड़न या दर्द
-उल्टी और रोशनी से परेशानी
-अत्यधिक नींद, भ्रम या बेहोशी
-झटके आना
-बच्चों में लगातार रोना, चिड़चिड़ापन या दूध न पीना
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बचाव के लिए सावधानी जरूरी
हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर सावधानी बरतना जरूरी है। बच्चों के टीकाकरण को समय पर पूरा कराना भी संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बीमारी के लक्षण दिखने पर घरेलू उपचार के भरोसे न रहें और चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें।
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सीएमएस डॉ. संजीव सक्सेना बताते हैं कि मेनिनजाइटिस बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या अन्य कारणों से हो सकता है। बीमारी के कारण और प्रकार के अनुसार उपचार तय किया जाता है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचना चाहिए।
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बच्चों में इसके संकेत अलग रूप में दिखाई दे सकते हैं। लगातार रोना, चिड़चिड़ापन, दूध या खाना न खाना, अत्यधिक सुस्ती और झटके आना भी चेतावनी के संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर देरी किए बिना चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
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लक्षणों को पहचानें
-तेज बुखार और लगातार सिरदर्द
-गर्दन में अकड़न या दर्द
-उल्टी और रोशनी से परेशानी
-अत्यधिक नींद, भ्रम या बेहोशी
-झटके आना
-बच्चों में लगातार रोना, चिड़चिड़ापन या दूध न पीना
बचाव के लिए सावधानी जरूरी
हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर सावधानी बरतना जरूरी है। बच्चों के टीकाकरण को समय पर पूरा कराना भी संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बीमारी के लक्षण दिखने पर घरेलू उपचार के भरोसे न रहें और चिकित्सक से तुरंत संपर्क करें।