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Kasganj News: गंगा कटान से गोलमढ़ी के अस्तित्व को बचाने की उठी मांग

Mon, 12 Oct 2026 11:34 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2026 11:34 PM IST
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Demand raised to save Golmadhi from Ganga erosion
फोटो 41- गंगा की बाढ़ के पानी से ​घिरी गोलामढ़ी। संवाद
गंजडुंडवारा। किलौनी, किसौल एवं सुन्नगढ़ी इलाके में गंगा की कटान की चपेट में आ रहे गोलामढ़ी के अस्तित्व को बचाने की ग्रामीण मांग उठा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा कटान से मढ़ी के अस्तित्व को खतरा है और मढ़ी के मंदिर के किनारे कटान करते हुए गंगा की धारा आ चुकी है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से पत्थरों का बांध बनवाकर मढ़ी को सुरक्षित करने की मांग की है।
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पिछले दिनों गंगा में बाढ़ आने के बाद किलौनी, किसौल और सुन्नगढ़ी इलाके में गंगा ने तेजी से कटान किया। कटान का मुख्य कारण धारा का बदलाव रहा। गंगा की धारा का दबाव मढ़ी की ओर बन गया जिससे तेजी से कटान होता रहा लेकिन जलस्तर कम होते ही यह कटान रुक गया।
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वहीं सिंचाई विभाग ने अस्थायी रूप से कटानरोधी कार्य किए। पानी कम होने से फिलहाल खतरा टल गया है, लेकिन पानी बढ़ने पर मढ़ी कभी भी गंगा में समां सकती है। गांव के डॉक्टर साधू सिंह का कहना है कि पत्थरों का बांध बनाकर गंगा कटान रोका जा सकता है जिससे मढ़ी सुरक्षित हो जाएगी।
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वहीं सुरेश शर्मा ने कहा कि यह मढ़ी सनातन आस्था का प्रतीक है। आस पास के गांव के लोग मढ़ी पर धार्मिक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। मढ़ी, किलौनी, किसौल और सुन्नगढ़ी की आबादी को सुरक्षित करना आश्यक है। नरायन, धनपत,सत्यपाल, ब्रजेश, प्रेमपाल,रामसनेही, मुन्ना लाल आदि ने पत्थरों का बांध बनाने की मांग की है।
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