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Kasganj News: लाइन में बीता दिन, खाद के इंतजार में थके किसान

Tue, 06 Oct 2026 11:02 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:02 PM IST
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Day spent in line; farmers exhausted while waiting for fertilizer.
फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं
कासगंज। डीएपी खाद के वितरण में हो रही धांधली के चलते किसानों का सब्र जवाब दे गया। मंगलवार सुबह तड़के से सहकारी समिति पर कतार में लगे किसानों को जब जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिली तो उनका आक्रोश फूट पड़ा। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि हंगामे के बीच भीड़ ने एक कथित दलाल को दबोच लिया और किसानों के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई।
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परेशान किसानों ने बताया कि वे सुबह 3 से 4 बजे के बीच ही समिति पहुंच जाते हैं। इसके बावजूद घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी उनका नंबर नहीं आ रहा है।किसानों का आरोप है कि नियमों के मुताबिक एक कार्ड पर पांच बोरी डीएपी मिलने का प्रावधान है लेकिन समिति पर केवल एक या दो बोरी ही दी जा रही है। उन्होंने समिति कर्मचारियों पर मनमानी और डीएपी की कालाबाजारी करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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किसानों का यह भी कहना है कि किसानों द्वारा अपनी बारी तय करने के लिए लगाए गए कागजों को कर्मचारियों ने जानबूझकर इधर-उधर फेंक दिया, जिससे समिति पर व्यवस्था बिगड़ गई। किसानों ने प्रशासन से इस कालाबाजारी पर रोक लगाने और सुचारू रूप से पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
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क्या बोले किसान
- इखौना निवासी मुकेश ने आरोप लगाया कि समय से समिति पहुंचने के बावजूद उसका नंबर काफी पीछे कर दिया गया। काफी इंतजार करना पड़ा।
- गांव घिनौना निवासी अरविंद ने बताया कि वह सुबह 4 बजे से लाइन में खड़े थे लेकिन नंबर नहीं आया। काफी इंतजार के बाद लौटना पड़ा।
- किसान नत्थू सिंह ने बताया कि वह 3 बजे समिति पहुंच गए थे। सबसे पहले कागज जमा किए थे लेकिन निजी कर्मचारी ने कागज फेंक दिए।
- आकाश पाल ने कहा कि नंबर आने के बाद भी किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकारियों को व्यवस्था सुधारनी चाहिए। साथ ही कालाबाजारी पर रोक भी लगाई जाए।

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वर्जन
खाद की कालाबाजारी के आरोपों को निराधार हैं। फार्मर रजिस्ट्री में खाद का पूरा विवरण दर्ज किया जाता है। किसान का मोबाइल नंबर व आधार कार्ड भी लिया जाता है। - अशोक कुमार, एआर को-आपरेटिव

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

फोटो 19 - सहकारी समिति पर किसानों द्वारा नंबर से लगाए गए कागज फेंकने के बाद उसमें अपने कागज ढूं

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