{"_id":"148-57531","slug":"Kasganj-57531-148","type":"story","status":"publish","title_hn":"चैत्र अमावस्या पर गंगा स्नान को उमडे़ श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चैत्र अमावस्या पर गंगा स्नान को उमडे़ श्रद्धालु
Kasganj
Updated Thu, 11 Apr 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज/सोरों। चैत्र अमावस्या के मौके पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगा के लहरा, हरि की पौड़ी, कछला, कादरगंज, इस्माइलपुर, शहवाजपुर आदि घाटों पर स्नान कर पुण्य अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने प्राचीन मंदिरों में पूजा अर्चना कर मनौती मांगी।
तीर्थ नगरी में राजस्थान और मध्यप्रदेश राज्यों के अलावा आगरा, मथुरा, फीरोजाबाद, हाथरस, एटा आदि जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। ब्रह्म मुहूर्त के साथ ही श्रद्धालुु गंगा में डुबकी लगाने लगे। हरिपदी के पवित्र जल में डुबकी लगाने के बाद अपने दिवंगत परिजनों की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धालुओं ने विधान पूर्वक पूजन कराया। पुरोहितों को श्रद्धालुओं द्वारा दान दक्षिणा दी गई। श्रद्धालुओं ने निर्धनों को अन्न, वस्त्र, धन आदि दान दिया। इसके बाद श्रद्धालु घाटों पर बने प्राचीन मंदिरों के साथ आदि वाराह मंदिर, बालाजी दरबार, सोमेश्वर, द्वारिकाधीश, मानस मंदिर, मनकामेश्वर आदि मंदिरों में पहुंचे। यहां पूूजा अर्चना कर मनौती मांगी। मंदिरों में घंटे घड़ियालों की आवाज के बीच गंगा मइया के जयकारे वातावरण को धार्मिक बना रहे थे।
विज्ञापन
तीर्थ नगरी में राजस्थान और मध्यप्रदेश राज्यों के अलावा आगरा, मथुरा, फीरोजाबाद, हाथरस, एटा आदि जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। ब्रह्म मुहूर्त के साथ ही श्रद्धालुु गंगा में डुबकी लगाने लगे। हरिपदी के पवित्र जल में डुबकी लगाने के बाद अपने दिवंगत परिजनों की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धालुओं ने विधान पूर्वक पूजन कराया। पुरोहितों को श्रद्धालुओं द्वारा दान दक्षिणा दी गई। श्रद्धालुओं ने निर्धनों को अन्न, वस्त्र, धन आदि दान दिया। इसके बाद श्रद्धालु घाटों पर बने प्राचीन मंदिरों के साथ आदि वाराह मंदिर, बालाजी दरबार, सोमेश्वर, द्वारिकाधीश, मानस मंदिर, मनकामेश्वर आदि मंदिरों में पहुंचे। यहां पूूजा अर्चना कर मनौती मांगी। मंदिरों में घंटे घड़ियालों की आवाज के बीच गंगा मइया के जयकारे वातावरण को धार्मिक बना रहे थे।
विज्ञापन