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शव पर दो समुदाय के परिवारों में तनातनी
kannauj, uttar pradesh, india
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:12 AM IST
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चैनपुरवा ओवर ब्रिज के नीचे शव की जांच करते पुलिस कर्मी।
- फोटो : रमेश मिश्र
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एक विशेष समुदाय के पास वर्षों से रह रहे दूसरे समुदाय के वृद्ध की बीमारी के चलते मौत हो गई। विशेष समुदाय के लोगों ने मृतक के परिजनों को शव देने से इंकार कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव परिजनों को दिलाया। गुरुवार को उसका अंतिम संस्कार किया गया। शहर के मोहल्ला सदरपुर टीला निवासी रामासरे उर्फ मन्ने कई वर्षों से मोहल्ले के ही एक विशेष समुदाय के यहां रहकर नौकरी करता था।
वहीं पर वह धीरे-धीरे विशेष समुदाय का करीबी बन गया। वृद्ध हो जाने पर परिवार की तरह उसकी देखरेख की जाती रही। बुधवार शाम बीमारी के चलते रामासरे की मौत हो गई। विशेष समुदाय के लोग उसके शव को दफनाने की व्यवस्था कर रहे थे। इसी दौरान रामासरे के चचेरे भाई भगवान दास ने पुलिस को सूचना दी की उसके चाचा का शव नहीं दिया जा रहा है। सूचना पर कोतवाली प्रभारी श्यामवीर सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। घंटो चली वार्ता के बाद रामासरे के शव को भतीजे व बहन शांती देवी को सौंप दिया।
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वहीं पर वह धीरे-धीरे विशेष समुदाय का करीबी बन गया। वृद्ध हो जाने पर परिवार की तरह उसकी देखरेख की जाती रही। बुधवार शाम बीमारी के चलते रामासरे की मौत हो गई। विशेष समुदाय के लोग उसके शव को दफनाने की व्यवस्था कर रहे थे। इसी दौरान रामासरे के चचेरे भाई भगवान दास ने पुलिस को सूचना दी की उसके चाचा का शव नहीं दिया जा रहा है। सूचना पर कोतवाली प्रभारी श्यामवीर सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। घंटो चली वार्ता के बाद रामासरे के शव को भतीजे व बहन शांती देवी को सौंप दिया।
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