फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jia ul haq did not want to join police service

पुलिस की नौकरी नहीं करना चाहते थे जियाउल हक

Tue, 05 Mar 2013 04:00 PM IST
उन्नाव/एहतेशाम उद्दीन अहमद
उन्नाव/एहतेशाम उद्दीन अहमद Updated Tue, 05 Mar 2013 04:00 PM IST
विज्ञापन
Jia ul haq did not want to join police service
‘सर, पुलिस की नौकरी नहीं करना चाहता था। इस नौकरी में ईमानदारी से काम करना बहुत मुश्किल है। सेलेक्शन डिप्टी एसपी के पद पर हुआ है तो ज्वाइन करना ही पड़ेगा। पुलिस विभाग को नई छवि देने की कोशिश करूंगा।’
विज्ञापन


लोक सेवा आयोग से पीपीएस परीक्षा-2009 का रिजल्ट आने पर ये बातें दिवंगत सीओ जियाउल हक ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के मुस्लिम बोर्डिंग हाउस में अपने सीनियर रूम पार्टनर मजीद से कही थीं। हॉस्टल के दिनों को याद करते हुए मजीद बताते हैं कि जियाउल को उनके चाचा शमशाद अहमद ने वर्ष 1997 में अपनी जगह रखवाया था। जियाउल हक में अधिकारी बनने का जुनून था।
विज्ञापन


बारह साल के लंबे अंतराल में उनकी पढ़ाई-लिखाई, नहाने-खाने, सोने-जागने का रूटीन कभी टूटते नहीं देखा गया। सबसे हंसकर और इज्जत से मिलने के कारण वह पूरे हास्टल के साथियों में लोकप्रिय थे। हॉस्टल के चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को भी कभी तेज आवाज में न पुकारने की आदत के कारण जियाउल सभी के बीच गांधीवादी के रूप में मशहूर थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मजीद बताते हैं कि वर्ष 1999 के बाद कई साल तक लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हॉस्टल का कोई भी छात्र साथी पीपीएस नहीं बना था। वर्ष 2009 की परीक्षा में जियाउल के पीपीएस चयनित होने पर खूब खुशियां मनाई गई थीं। इतने साल के बाद पीसीएस में प्रॉपर रैंक पाने के कारण जियाउल को हॉस्टल का हीरो माना जाने लगा था। सेशन लेट होने के कारण उनके बैच की ट्रेनिंग वर्ष 2010 में शुरू हुई थी। प्रतापगढ़ में उनकी तीसरी पोस्टिंग थी।


मजीद बताते हैं कि इतने शरीफ अधिकारी की जघन्य हत्या से हॉस्टल का एक-एक युवक गमजदां और गुस्से में है। ईश्वर जियाउल हक की आत्मा को शांति और उनके परिजनों को सब्र दें। एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले जियाउल हक ने जिस मेहनत और लगन से वह मुकाम हासिल किया था, मौत से परिवार को बड़ा सदमा लगा है। सीनियर होने के नाते वह मुझसे अक्सर गाइड लाइन्स लेने आते थे। सभी विषयों पर उनकी पकड़ मुझे भी दंग कर देती थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed