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AIEEE: जेईई (एडवांस) के मेधावी निकले फुस्स
लखनऊ/ इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 03 Jul 2013 10:55 AM IST
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ऑल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम 2013 के नतीजे मंगलवार देर रात जारी कर दिए गए। एक बार फिर राजधानी के मेधावियों ने बेहतर परफॉर्म किया है। 265 रैंक के साथ आयुष सिंघल आगे रहे हैं।
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जेईई (एडवांस) के स्टूडेंट्स ने किया निराश
दिलचस्प बात यह है कि जेईई (एडवांस) में शानदार परफॉर्म करने वाले ज्यादातर स्टूडेंट्स की रैंक एआईईईई में काफी खिसक गई है। आयुष ओझा की ऑल इंडिया रैंक 2989 रही जबकि प्रदेश स्तर पर 226 रैंक प्राप्त की है। जेईई (एडवांस) में 270 अंक और 138 वीं रैंक के साथ राजधानी में आगे रहे आयुष ओझा एआईईईई में 2989 वें स्थान पर रहे हैं।
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वहीं हिंमाशु गुप्ता (7862), नमन (7900), शुभव चटर्जी (9,000), अरमान अहमद (13,244), जयंत यादव (14,000), अक्षत (18,000) समेत 300 से ज्यादा मेधावियों ने अच्छी रैंक पाई।
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क्या कहते हैं स्टूडेंट्स
शुभम चटर्जी, 9000 रैंक
कृष्णा नगर में इंद्रलोक कॉलोनी के शुभम चटर्जी कहते हैं कि बोर्ड परीक्षा में एक नंबर कम होने के कारण उनकी मेरिट अपने मित्रों की अपेक्षा करीब डेढ़ हजार तक नीचे गिर गई। शुभम इंडियन रेलवे सर्विसेज में जाना और रेल मंत्रालय में बतौर इंजीनियर काम करना चाहते हैं।
हिमांशु गुप्ता, 7862 रैंक
कानपुर रोड स्थित एलडीए कॉलोनी सेक्टर डी के हिमांशु गुप्ता कहते हैं कि इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम को बोर्ड परीक्षा के परसेन्टेज से जोड़ना ठीक नही है।
आयुष ओझा, 2986 रैंक
रानी लक्ष्मीबाई सीनियर सेकंडरी स्कूल से इंटरमीडिएट करने वाले आयुष का कहना है किसी एक विषय पर कमांड करके आप सफलता हासिल नहीं कर सकते हैं। जेईई की तैयारी के लिए आपको गंभीरता से आठ महीने से लेकर एक वर्ष तक देना होगा।
आयुष सिंघल, 265 रैंक
आयुष सिंघल का कहना है कि सफलता पाने के लिए जरूरी है कि जो विषय कमजोर है उस पर अलग से समय दें। इसके अलावा हमेशा क्लासरूम टीचिंग पर जोर देना चाहिए।