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आंधी और बारिश से पेड़ धराशायी, आम हुआ बरबाद
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मंगलवार को भोर में तड़क गरज के साथ आंधी तूफान के साथ हुई बरसात से किसानों के जायद की फसलो को तो फाय?
- फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। आधी रात के बाद मौसम अचानक बदल गया। मंगलवार को भोर में आंधी और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई। जगह-जगह पेड़ गिर गए। डालियां बिजली के तारों पर गिरने से आपूर्ति बाधित रही। आम की फसलों को सर्वाधिक क्षति पहुंची है। बिजली गिरने से करंजाकला में दो भैंस की मौत हो गई। दस फीसदी किसान गेहूं की मड़ाई नहीं कर सके हैं। खलिहान में पानी भरने से मंगाई का काम बाधित हो गया है। एक घंटे में 10 एमएम बारिश का अनुमान है।
सोमवार आधी रात तक आसमान साफ था। उसके बाद अचानक बादल घिरने लगे और मंगलवार भोर में करीब तीन बजे आंधी चलने लगी और चमक-गरज के साथ बारिश शुरू हो गई। लगभग एक घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होने लगी। बारिश से कई इलाकों में खेतों में पानी लग गया। सिकरारा क्षेत्र के शेरवा बंसफा मार्ग पर शीशम का पेड़ धराशाई हो गया। इससे काफी देर तक आवागमन अवरुद्ध रहा। सुबह ग्रामीणों की मदद से पेड़ काटकर आवागमन बहाल किया गया। बक्शा क्षेत्र के धनियामऊ के पास 33 केवी लाइन का तार टूट गया। इससे नौपेड़वा और सवंशा विद्युत उपकेंद्र के करीब डेढ़ सौ गांवों की बिजली गुल हो गई। दोपहर बाद करीब एक बजे तार ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। बक्शा और मई गहांव के पास भी तेज आंधी के चलते पेड़ धराशायी हो गया। सरायख्वाजा क्षेत्र के जासोपुर गांव में बिजली गिरने से सरिता देवी की दो भैंस की मौत हो गई। महराजगंज में गेहूं की मड़ाई के बाद खेत में पड़ा कई किसानों का भूसा आंधी में उड़ गया। सलामतपुर के एक सूखे पेड़ में बिजली के चलते आग लग गई। सुबह तक पेड़ जलता रहा। जेसीबी की मदद से पेड़ उखाड़कर आग बुझाई गई।
सब्जियों में लगेंगे कीड़े
जौनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. संदीप का कहना है कि अधिक तापमान और नमी भरा माहौल कीड़ों के अनुकूल होता है। ऐसे में टमाटर, भिंडी, बोड़ा में कीड़े लगने की आशंका रहती है। कटहल और आम की फसल में काला फफूंद लग सकती है। बचाव के लिए किसान कार्बेंडा जिम का एक ग्राम एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। लौकी में में क्लोरपायरीफास दो एमएल प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करना चाहिए। उधर, मौसम विशेषज्ञ पंकज जायसवाल ने बताया कि रात में करीब दस एमएम बारिश हुई है। 20-25 किमी की रफ्तार से चल रही हवाओं के कारण आम की फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने किसानों को खेत की सिंचाई न करने की सलाह दी है। कहा कि किसान मेघदूत एप डाउनलोड कर लें। इससे उन्हें मौसम की जानकारी बराबर मिलती रहेगी।
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बिजली की गड़गड़ाहट के बीच थम गई सांस
धर्मापुर। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के भदेवरा गांव में मंगलवार को भोर में चमक गरज के साथ बारिश के दौरान सीताराम (45) की जी घबराने लगा।
बिजली की गड़गड़ाहट से बरामदे में अकेले सो रहा सीताराम चीख पड़े। उनकी चीख सुनकर परिजन पहुंचे तो वह अचेत हो चुके थे। लोग अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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सोमवार आधी रात तक आसमान साफ था। उसके बाद अचानक बादल घिरने लगे और मंगलवार भोर में करीब तीन बजे आंधी चलने लगी और चमक-गरज के साथ बारिश शुरू हो गई। लगभग एक घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होने लगी। बारिश से कई इलाकों में खेतों में पानी लग गया। सिकरारा क्षेत्र के शेरवा बंसफा मार्ग पर शीशम का पेड़ धराशाई हो गया। इससे काफी देर तक आवागमन अवरुद्ध रहा। सुबह ग्रामीणों की मदद से पेड़ काटकर आवागमन बहाल किया गया। बक्शा क्षेत्र के धनियामऊ के पास 33 केवी लाइन का तार टूट गया। इससे नौपेड़वा और सवंशा विद्युत उपकेंद्र के करीब डेढ़ सौ गांवों की बिजली गुल हो गई। दोपहर बाद करीब एक बजे तार ठीक कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। बक्शा और मई गहांव के पास भी तेज आंधी के चलते पेड़ धराशायी हो गया। सरायख्वाजा क्षेत्र के जासोपुर गांव में बिजली गिरने से सरिता देवी की दो भैंस की मौत हो गई। महराजगंज में गेहूं की मड़ाई के बाद खेत में पड़ा कई किसानों का भूसा आंधी में उड़ गया। सलामतपुर के एक सूखे पेड़ में बिजली के चलते आग लग गई। सुबह तक पेड़ जलता रहा। जेसीबी की मदद से पेड़ उखाड़कर आग बुझाई गई।
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सब्जियों में लगेंगे कीड़े
जौनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. संदीप का कहना है कि अधिक तापमान और नमी भरा माहौल कीड़ों के अनुकूल होता है। ऐसे में टमाटर, भिंडी, बोड़ा में कीड़े लगने की आशंका रहती है। कटहल और आम की फसल में काला फफूंद लग सकती है। बचाव के लिए किसान कार्बेंडा जिम का एक ग्राम एक लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। लौकी में में क्लोरपायरीफास दो एमएल प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करना चाहिए। उधर, मौसम विशेषज्ञ पंकज जायसवाल ने बताया कि रात में करीब दस एमएम बारिश हुई है। 20-25 किमी की रफ्तार से चल रही हवाओं के कारण आम की फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने किसानों को खेत की सिंचाई न करने की सलाह दी है। कहा कि किसान मेघदूत एप डाउनलोड कर लें। इससे उन्हें मौसम की जानकारी बराबर मिलती रहेगी।
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बिजली की गड़गड़ाहट के बीच थम गई सांस
धर्मापुर। गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के भदेवरा गांव में मंगलवार को भोर में चमक गरज के साथ बारिश के दौरान सीताराम (45) की जी घबराने लगा।
बिजली की गड़गड़ाहट से बरामदे में अकेले सो रहा सीताराम चीख पड़े। उनकी चीख सुनकर परिजन पहुंचे तो वह अचेत हो चुके थे। लोग अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।