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हैप्पीनेस ऑवर में निखरेगा नौनिहालों का व्यक्तित्व

Sun, 28 Feb 2021 11:56 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 11:56 PM IST
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The personality of the navigators will flourish in Happy Hour
जौनपुर। परिषदीय स्कूलों में अब सिर्फ पढ़ाई ही नहीं होंगी, बच्चों के व्यक्तित्व के विकास का भी प्रयास होगा। पढ़ाई के साथ वह नाटक, गायन, कला जैसी गतिविधियों से भी जुड़ेंगे। उन्हें सैर-सपाटे का भी मौका मिलेगा और वरिष्ठ अफसरों से संवाद कर अनुभव सीखने का भी। बच्चों में स्कूल के प्रति आकर्षण बढ़ाने और उन्हें तनावमुक्त रखने के लिए हैप्पीनेस ऑवर शुरू करने का फैसला लिया गया है। प्रतिदिन दोपहर में 35 मिनट बच्चों को पढ़ाई से इतर अन्य गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। सप्ताह में एक दिन उन्हें भ्रमण पर भी ले जाया जाएगा। डीएम की पहल पर इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है।
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परिषदीय स्कूलों में आने वाले ज्यादातर बच्चे गांवों के बेहद साधारण परिवारों के होते हैं। स्कूल में बस पढ़ाई के तनाव के कारण उनका वहां से जुड़ाव नहीं हो पाता। वह अभिभावकों और शिक्षकों के दबाव में स्कूल तो जाते हैं, लेकिन वहां मन नहीं लगा पाते। पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए विभाग पहले से ही तमाम प्रयास कर रहा है। अब इसमें एक कड़ी और जोड़ी गई है। विभाग के अफसरों का मानना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान विद्यालय करीब 11 माह तक बंद होने के कारण बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इससे जहां एक तरफ बच्चों के अधिगम स्तर में कमी आई है वहीं दूसरी तरफ लंबी अवधि तक विद्यालय से दूर रहने के कारण स्वाभाविक रूप से विद्यालय के प्रति अरुचि का भाव उत्पन्न हुआ है। बच्चों के अधिगम स्तर पर पड़े दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए विद्यालयों में सौ दिनों का प्रेरणा ज्ञानोत्सव कैंपेन संचालित होना है। इसके तहत समृद्ध हस्त पुस्तिका पर आधारित रिमेडियल शिक्षण के माध्यम से बच्चों के अधिगम स्तर में वृद्धि का प्रयास होगा। बच्चों को रोजाना 35 मिनट का वक्त उनकी रुचि के कार्यक्रम से जुड़ने के लिए दिया जाएगा। इसमें वह खेल, चित्रकला, नाटक, संगीत, गायन आदि गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे। इस प्रयास की सफलता के लिए आवश्यक है कि बच्चों में विद्यालय के प्रति आकर्षण का भाव विकसित किया जाए। साथ ही अभिभावकों एवं समुदाय के मन से आशंका को समाप्त कर बच्चों को विद्यालय भेजने के प्रति प्रेरित किया जाना भी आवश्यक है।
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