{"_id":"5ef6390c8ebc3e43070732a4","slug":"the-locust-party-hovering-in-the-sky-for-the-second-day-jaunpur-news-vns5324507190","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी आसमान में मंडराता रहा टिड्डी दल.","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे दिन भी आसमान में मंडराता रहा टिड्डी दल.
विज्ञापन
दूसरे दिन भी आसमान में मंडराता रहा टिड्डी दल
- केराकत, डोभी और शाहगंज क्षेत्र में रही सक्रियता
- घंटों मशक्कत के बाद बाहर खदेड़ा गया, बार्डर पर जमा है एक अन्य दल
संवाद न्यूज एजेंसी
केराकत/डोभी/मीरगंज। टिड्डियों का दल शुक्रवार को दूसरे दिन भी जिले के आसमान में मंडराता रहा। एक दल शाहगंज होते हुए आजमगढ़ और सुल्तानपुर की ओर बढ़ गया, जबकि दूसरे दल ने केराकत, डोभी के रास्ते आजमगढ़ जिले में प्रवेश किया। एक अन्य दल जौनपुर और भदोही की सीमा पर प्रयागराज में डेरा डाले हुए हैं। कृषि विभाग उसकी निगरानी कर रहा है, ताकि जिले में प्रवेश करते हुए उन्हें मारा जा सके।
बृहस्पतिवार को जिले में टिड्डियों के चार दलों ने प्रवेश किया था। एक दल रामपुर, जलालपुर होते हुए वाराणसी में प्रवेश कर गया, जबकि दूसरा दल शाहगंज के रास्ते आजमगढ़ जिले में घुस गया। बक्शा और करंजाकला के पास छोटे-छोटे दो दल देखे गए थे। इसमें एक दल का लोकेशन रात्रि में शाहगंज के दुल्लीपुर में पाया गया। कृषि विभाग की टीम उन्हें भगाने के लिए घंटों मशक्कत करती रही। थाली और हार्न के अलावा पटाखा बजाकर शोर किया गया। फायर ब्रिगेड के वाहनों से दवाओं का छिड़काव हुआ। इसके बाद देर रात यह दल आजमगढ़ और सुल्तानपुर की ओर चला गया। उधर, सुबह केराकत और डोभी क्षेत्र में टिड्डियों के दल देखे गए। केराकत के सेनापुर, चकरारेत सरोज, बड़ेवर, भीतरी, गोपालपुर, मसौढा, बेहड़ा बराई, रग्घूपुर,शिवरामपुर, महुली, रतनूपुर, जमुआ, जमसार, पारापाटी, भदवार, बघेड़ा, पटइल, डिघिया के आसमान में हजारों की संख्या में टिड्डी दल मंडराता नजर आया। किसान थाली, ताली और टीन बजाकर शोर करते रहे। डोभी के बजरंगनगर, बरामनपुर, बरडीहा, मचहटी, पनिहर, खुज्झी सहित दर्जनों गांवों में टिड्डियों का दल देखा गया। किसान समूहों में खेतों की तरफ फसलों के बचाव के लिए भागने लगे। किसानों के शोर करने पर यह दल तरांव होते हुए आजमगढ़ की ओर बढ़ गया। एक अन्य दल मीरगंज के अगहुआब सवैया, गोधना, भटहर, किशुनदासपुर में देर शाम देखा गया। शारदा सहायक खंड 39 नहर के अगल बगल के गांवों में आसमान पर काफी ऊंचाई पर टिड्डियों के दल को देख किसान फसलों की सुरक्षा को लेकर सहम गए हैं। सवैया गांव के किसान अशोक यादव, हरिराम यादव, चौधरीपुर के दिनेश यादव, अगहुआ के दानबहादुर रयादव, गोधना के अखिलेश सिंह, चौकीखुर्द त्रिलोकी नाथ पांडेय, दिनेश सिंह आदि का कहना है कि टिड्डियों के आगमन से धान की फसल बर्बाद हो सकती है। इसके लिए सरकार को कोई व्यवस्था बनानी प़डेगी।
---
दो टिड्डी दल जिले में शुक्रवार को थे, जिन्हें काफी प्रयास के बाद जिले की सीमा से बाहर कर दिया गया। एक दल भदोही और जौनपुर की सीमा पर प्रयागराज जिले में डटा हुआ है। उसकी निगरानी की जा रही है। बार्डर पर विभागीय टीम डटी हुई है। टिड्डियां काफी ऊंचाई हैं। इससे स्थानीय स्तर पर फसलों का कोई नुकसान अभी सामने नहीं आया है। -जयप्रकाश, उपनिदेशक कृषि।---
विज्ञापन
विज्ञापन
- केराकत, डोभी और शाहगंज क्षेत्र में रही सक्रियता
- घंटों मशक्कत के बाद बाहर खदेड़ा गया, बार्डर पर जमा है एक अन्य दल
संवाद न्यूज एजेंसी
केराकत/डोभी/मीरगंज। टिड्डियों का दल शुक्रवार को दूसरे दिन भी जिले के आसमान में मंडराता रहा। एक दल शाहगंज होते हुए आजमगढ़ और सुल्तानपुर की ओर बढ़ गया, जबकि दूसरे दल ने केराकत, डोभी के रास्ते आजमगढ़ जिले में प्रवेश किया। एक अन्य दल जौनपुर और भदोही की सीमा पर प्रयागराज में डेरा डाले हुए हैं। कृषि विभाग उसकी निगरानी कर रहा है, ताकि जिले में प्रवेश करते हुए उन्हें मारा जा सके।
बृहस्पतिवार को जिले में टिड्डियों के चार दलों ने प्रवेश किया था। एक दल रामपुर, जलालपुर होते हुए वाराणसी में प्रवेश कर गया, जबकि दूसरा दल शाहगंज के रास्ते आजमगढ़ जिले में घुस गया। बक्शा और करंजाकला के पास छोटे-छोटे दो दल देखे गए थे। इसमें एक दल का लोकेशन रात्रि में शाहगंज के दुल्लीपुर में पाया गया। कृषि विभाग की टीम उन्हें भगाने के लिए घंटों मशक्कत करती रही। थाली और हार्न के अलावा पटाखा बजाकर शोर किया गया। फायर ब्रिगेड के वाहनों से दवाओं का छिड़काव हुआ। इसके बाद देर रात यह दल आजमगढ़ और सुल्तानपुर की ओर चला गया। उधर, सुबह केराकत और डोभी क्षेत्र में टिड्डियों के दल देखे गए। केराकत के सेनापुर, चकरारेत सरोज, बड़ेवर, भीतरी, गोपालपुर, मसौढा, बेहड़ा बराई, रग्घूपुर,शिवरामपुर, महुली, रतनूपुर, जमुआ, जमसार, पारापाटी, भदवार, बघेड़ा, पटइल, डिघिया के आसमान में हजारों की संख्या में टिड्डी दल मंडराता नजर आया। किसान थाली, ताली और टीन बजाकर शोर करते रहे। डोभी के बजरंगनगर, बरामनपुर, बरडीहा, मचहटी, पनिहर, खुज्झी सहित दर्जनों गांवों में टिड्डियों का दल देखा गया। किसान समूहों में खेतों की तरफ फसलों के बचाव के लिए भागने लगे। किसानों के शोर करने पर यह दल तरांव होते हुए आजमगढ़ की ओर बढ़ गया। एक अन्य दल मीरगंज के अगहुआब सवैया, गोधना, भटहर, किशुनदासपुर में देर शाम देखा गया। शारदा सहायक खंड 39 नहर के अगल बगल के गांवों में आसमान पर काफी ऊंचाई पर टिड्डियों के दल को देख किसान फसलों की सुरक्षा को लेकर सहम गए हैं। सवैया गांव के किसान अशोक यादव, हरिराम यादव, चौधरीपुर के दिनेश यादव, अगहुआ के दानबहादुर रयादव, गोधना के अखिलेश सिंह, चौकीखुर्द त्रिलोकी नाथ पांडेय, दिनेश सिंह आदि का कहना है कि टिड्डियों के आगमन से धान की फसल बर्बाद हो सकती है। इसके लिए सरकार को कोई व्यवस्था बनानी प़डेगी।
विज्ञापन
---
दो टिड्डी दल जिले में शुक्रवार को थे, जिन्हें काफी प्रयास के बाद जिले की सीमा से बाहर कर दिया गया। एक दल भदोही और जौनपुर की सीमा पर प्रयागराज जिले में डटा हुआ है। उसकी निगरानी की जा रही है। बार्डर पर विभागीय टीम डटी हुई है। टिड्डियां काफी ऊंचाई हैं। इससे स्थानीय स्तर पर फसलों का कोई नुकसान अभी सामने नहीं आया है। -जयप्रकाश, उपनिदेशक कृषि।---
विज्ञापन