मुंगराबादशाहपुर। जश्न-ए-ईद-मिलादुन्नबी का पर्व क्षेत्र में अकीदत उल्लास और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। दो दिवसीय आयोजन के दौरान नगर के विभिन्न मोहल्लों और प्रमुख मार्गों पर अंजुमन कमेटियों की ओर से बनाए गए आकर्षक और गगनचुंबी स्वागत द्वार लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। गेटों पर देश-विदेश की प्रसिद्ध मस्जिदों और ऐतिहासिक दरगाहों की कलाकृतियों के साथ अमन, चैन और भाईचारे का संदेश प्रदर्शित किया गया। मोहल्ला अंजही स्थित अंजुमन दीनी कमेटी के तत्वावधान में नातिया कलाम का भव्य जलसा आयोजित हुआ। इसमें सैकड़ों अकीदतमंदों ने शिरकत की। अंजुमन मदनी गुड़ाई, अंजुमन चिश्तिया कटरा, अंजुमन दीनी मछली गली, अंजुमन मोहम्मदी डाकखाना गली, अंजुमन हुसैनिया, अंजुमन नूरी सब्जी मंडी, बड़ा इमामबाड़ा लाई मंडी, अंजुमन निजामी और अंजुमन दायरे मदीना मछलीशहर रोड समेत विभिन्न कमेटियों के सदस्यों ने नबी की शान में एक से बढ़कर एक नातिया कलाम पेश किए। देर रात तक चले कार्यक्रम में माहौल रूहानी बना रहा। मुख्य अतिथि भरत मिलाप मेला महासमिति के अध्यक्ष आलोक कुमार गुप्ता ‘पिंटू’, अध्यक्ष कपिल मुनि, इंजीनियर उमाशंकर गुप्ता ने नगर में सजाए गए गेटों और सजावट का अवलोकन किया। बेहतर प्रदर्शन करने वाली अंजुमन कमेटियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। आलोक कुमार गुप्ता ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब का जीवन शांति, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि यह पर्व प्रेम और दया की सीख देता है तथा गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करता है। अध्यक्ष कपिल मुनि ने कहा आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाया जाना चाहिए इससे हमारी एकता अखंडता मजबूत होगी। जलसे की निजामत हाजी डॉ. अब्दुल्ला और आजम राईन ने की। इस दौरान मो. असलम, हाजी निसार अहमद, हाजी मेराज, तमजीद अशरफ , एजाज अहमद,मो. सरवर राईन, हाजी असरार, डॉ. इलियास अहमद, मो. सकलेन, जावेद अहमद समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।