फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Many farmers have given up farming and some are spending time in guarding their crops

कई किसानों ने छोड़ दी खेती करना तो कइयों की फसल रखवाली में बीत रहा समय

Wed, 02 Feb 2022 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 12:09 AM IST
विज्ञापन
Many farmers have given up farming and some are spending time in guarding their crops
जौनपुर। छुट्टा पशुओं के आतंक से कई किसानों ने खेती करना छोड़ दिया तो कइयों की सुबह, दोपहर, शाम और रात खेतों में फसलों की रखवाली करने में बीत रहा है। इसका नजारा रामपुर थाना क्षेत्र के सहनपुर में देखा जा सकता है। सहनपुर गांव निवासी किसान संतोष कुमार मौर्य ने अपनी एक एकड़ की गेहूं की खड़ी फसल को जोतवा दिया। इससे तकरीबन 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। यह तो केवल बानगी भर है। वहीं, अब यह मामला चुनावी मुद्दा हो गया है। बावजूद इसके इस पर लगाम नहीं लग पा रहा है। झुंड से झुंड के छुट्टा पशु कहीं खेतो में पहुंच कर फसलों को क्षति पहुंचा रहे हैं तो कहीं सड़कों व बाजारों में लोगों के जान के दुश्मन बने हुए हैं।
विज्ञापन

जिले में कुल 84 गोशाला है, जिसमें खुद क्षमता से अधिक पशु रखे गए हैं। इस दौरान 10 हजार 600 पशु गोशालाओं में रखे गए हैं, जबकि इन गोशालाओं की क्षमता सात हजार 800 पशु रखने की है। इस दौरान लगभग 2800 पशु क्षमता से अधिक रखे गए हैं, इसके अलावा, करीब हजारों छुट्टा पशु आज भी झुंड में इधर-उधर घूम रहे हैं, जो खेतों में जाकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह हो गई है कि इन पशुओं के आतंक के कारण किसानों को खेती करना भारी पड़ गया है। इसके कारण धीरे-धीरे किसानों का खेती से मोह भंग हो रहा है। हालांकि इन पशुओं का मामला चुनावी मुद्दा बनने के बाद जिम्मेदारों की ओर से पकड़ने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन गोशालाओं में क्षमता से अधिक पशु रखे जाने के कारण जिम्मेदार पकड़े जाने वाले पशुओं को कहां रख रहे हैं। यह बताने को तैयार नहीं है, जबकि हर स्थानों पर छुट्टा पशु घुमते हुए देखने को मिल जा रहे हैं।
विज्ञापन

20 गोशालाओं का हो रहा निर्माण
जौनपुर। जिले में पशुओं को रखने के लिए 20 और गोशालाओं का निर्माण और हो रहा है, जिसमें खटेरपुर भैंसा, ताल मझवारा, हसनपुर, फत्तुपुरकलां, सहनी, देवरिया, रसिकापुर, शाहपुर, नेवादा, गुलालपुर, उसरौली, रामपुर, देवलासपुर, विझवार सारंग, सिधवन, बगनरी, मईडीह व मोकलपुर आदि स्थानों पर गोशाला बनाया जा रहा है, इनके बन जाने के बाद जिले में पशुओं को रखने की समस्या समाप्त हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोशालाओं में नए शेड बनवाए जा रहे हैं, कई गोशालाओं में बना दिए गए हैं, जिसमें पकड़े जा रहे पशुओं को रखने का कार्य किया जा रहा है। वहीं 28 और गोशाला का निर्माण किया जा रहा है, जो शीघ्र बनकर तैयार हो जाएगा। वहीं कट्रोल रूम में शिकायत आने के बाद उसका निस्तारण तत्काल कर दिया जा रहा है। - राजेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को पकड़े जोन वाले पशुओं को गोशालाओं में रखवाने का निर्देश दिया गया है। कंट्रोल रूम में लोग पशुओं के संबंध में शिकायत कर सकते हैं। - रजनीश राय, एडीएम भू व राजस्व
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed