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Jaunpur News: ओवरलोड ऑटो से गिरकर मासूम छात्र की मौत, परिजनों में कोहराम

Tue, 12 Sep 2023 11:49 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Sep 2023 11:49 PM IST
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Innocent student dies after falling from overloaded auto, chaos among family members
पंवारा थाना क्षेत्र के भटेवरा गांव में ऑटो से गिरकर एक मासूम छात्र की मौत हो गई। चालक मानक से बहुत ज्यादा बच्चों को ऑटों में बैठाकर ले जा रहा था। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। उधर, ऑटो को कब्जे में लेते हुए उसके चालक को भी हिरासत में ले लिया गया।
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भटेवरा गांव निवासी रविंद्र चौहान का चार वर्षीय पुत्र आयुष घर से करीब दो किमी की दूरी पर स्थित कलावती माडर्न पब्लिक स्कूल में पढ़ता था। रोज की तरह मंगलवार की सुबह भी वह स्कूल की ही ऑटो से गया था। परिजनों ने बताया कि दोपहर दो बजे छुट्टी हुई तो ऑटो का चालक नहीं था। ऐसे में स्कूल संचालक ही ऑटो लेकर चल दिया। उसमें करीब 15 से 18 बच्चे बैठा लिए। ऑटों में बच्चों को देखने वाला कोई सहायक भी नहीं था। स्कूल से करीब 200 मीटर आगे बढ़ते ही आयुष ऑटो से गिर गया और पहिए के नीचे आ गया। जानकारी मिलने पर पहुंचे परिवार के लोग उसे लेकर एक निजी चिकित्सालय पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। थानाध्यक्ष पंवारा राज नारायण चौरसिया ने कहा कि स्कूल संचालक ही ऑटो चला रहा था। ऑटो से गिरने के कारण बच्चे की मौत हुई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही अन्य पहलुओं पर भी जांच की जाएगी।
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ओवरलोडिंग से हो रहे हादसे

जिस ऑटो से हादसा हुआ, उसमें प्रतिदिन मानक से ज्यादा बच्चों को बैठाया जाता था। जुटी भीड़ के बीच छात्र के चाचा सुरेश चंद्र ने बताया कि एक ही ऑटो स्कूल की चलती थी। उसी से बच्चों को चार बार में लाते थे। 15 से 20 बच्चे तक एक बार में ऑटों में बैठाए जाते थे। यानी बच्चों को बैठने भर की भी जगह नहीं होती थी। इसी वजह से हादसा हुआ। सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह से बच्चे आते थे, तो स्कूल का कोई शिक्षक भी ऑटो पर होना चाहिए था।
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लापरवाही के कारण पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं


बच्चों को स्कूल ले जाने और ले आने के दौरान बरती जाने वाली लापरवाही के कारण पहले भी घटनाएं हो चुकी हैं। दिसंबर 2022 में एक ई-रिक्शा पर बैठकर घर लौट रही आठ वर्षीय छात्रा गिर गई थी, उसी समय वहां से गुजर रही एक स्कूल बस की चपेट में आकर छात्रा की मौत हो गई थी। यदि ई रिक्शा में बच्ची के साथ कोई अभिभावक या शिक्षक रहा होता तो वह शायद गिरी नहीं होती।
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