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गड्ढे में डूबने से मासूम की मौत
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सोख्ता गड्ढे में डूबने से मासूम की मौत
- सुबह सूरत से अगहुआ लौटा था परिवार, थककर सो रहे थे सभी
संवाद न्यूज एजेंसी
मीरगंज। थाना क्षेत्र के अगहुआ गांव में मंगलवार को गड्ढे में डूबकर मासूम की मौत हो गई। घटना के वक्त परिवार के लोग सो रहे थे। नींद खुलने पर जब बच्चे की तलाश हुई तो गड्ढे में उसका शव मिला। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मासूम की मौत से रो-रोकर उनका बुरा हाल है।
अगहुआ गांव निवासी मिठाई सरोज का पुत्र राकेश अपनी पत्नी नीलम, बेटा आर्यन (4) व बेटी प्रिया के साथ सूरत में रहता था। मंगलवार की सुबह ही वह घर पहुंचा। यात्रा की थकान के बाद परिवार घर में सो रहा था। इसी दौरान आर्यन खेलते हुए घर के बाहर चला गया। वह घर के पास बने नए सोख्ता के गड्ढे में डूब गया। अपराह्न करीब तीन बजे जब बच्चे को घर में न पाकर परिवार वालों ने खोजबीन शुरू की तो गड्ढे में उसका शव देख सन्न रह गए। शव को बाहर निकाल परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मां नीलम का रो-रोकर बेहोश हो जा रही थी। बेटे के शव से लिपट कर विलाप करते हुए वह बार-बार कह रही थी कि जिस कोरोना से बचने के लिए अपने एकलौते पुत्र को लेकर घर आई, वही पुत्र घर पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही मौत के मुंह में समा गया। उनका करुण क्रंदन देख लोगों की आंखें नम हो गई।
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- सुबह सूरत से अगहुआ लौटा था परिवार, थककर सो रहे थे सभी
संवाद न्यूज एजेंसी
मीरगंज। थाना क्षेत्र के अगहुआ गांव में मंगलवार को गड्ढे में डूबकर मासूम की मौत हो गई। घटना के वक्त परिवार के लोग सो रहे थे। नींद खुलने पर जब बच्चे की तलाश हुई तो गड्ढे में उसका शव मिला। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मासूम की मौत से रो-रोकर उनका बुरा हाल है।
अगहुआ गांव निवासी मिठाई सरोज का पुत्र राकेश अपनी पत्नी नीलम, बेटा आर्यन (4) व बेटी प्रिया के साथ सूरत में रहता था। मंगलवार की सुबह ही वह घर पहुंचा। यात्रा की थकान के बाद परिवार घर में सो रहा था। इसी दौरान आर्यन खेलते हुए घर के बाहर चला गया। वह घर के पास बने नए सोख्ता के गड्ढे में डूब गया। अपराह्न करीब तीन बजे जब बच्चे को घर में न पाकर परिवार वालों ने खोजबीन शुरू की तो गड्ढे में उसका शव देख सन्न रह गए। शव को बाहर निकाल परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। मां नीलम का रो-रोकर बेहोश हो जा रही थी। बेटे के शव से लिपट कर विलाप करते हुए वह बार-बार कह रही थी कि जिस कोरोना से बचने के लिए अपने एकलौते पुत्र को लेकर घर आई, वही पुत्र घर पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही मौत के मुंह में समा गया। उनका करुण क्रंदन देख लोगों की आंखें नम हो गई।
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