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केंद्रों पर किसान हो रहे परेशान, आंकड़ा दिखाकर पीठ थपथपा रहे अधिकारी
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सरकार धान खरीद पर जोर दे रही है। क्रय केंद्रों पर खरीद के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने का दावा भी किया जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। धान क्रय केंद्रों पर किसान बोरे तक के लिए भटक रहे हैं। अधिकारियों की उदासीनता के कारण उन्हें बोरा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हालांकि अधिकारी धान खरीद में तेजी होने का आंकड़ा दिखाकर अपनी पीठ थपठपा रहे हैं।
तहसील क्षेत्र के बड़े धान उत्पादक डेड़ुवाना निवासी किसान अतुल कुमार सिंह उर्फ बब्बू का कहना है कि केंद्रों पर समय से बोरा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। अगर बोरा दिया भी जा रहा है तो वह पुराना है। वे कहते हैं 200 क्विंटल धान विपणन केंद्र पर जाकर बेच चुके हैं। अभी तीन सौ क्विंटल धान और बेचना है। बोरा उपलब्ध करा दिया जाता तो हम अपना सब धान बेच देते। पतौरा निवासी मनोज कुमार सरोज ने बताया कि उन्होंने मुफ्तीगंज स्थित विपणन केंद्र पर 27 क्विंटल धान बेच दिया है। किंतु और धान लेने से केंद्र प्रभारी ने यह कहकर इनकार कर दिया कि धान में कंडुआ रोग लगा है। इसका चावल अच्छा नहीं होगा। कंडुआ रोग की वजह से फसल उत्पादन पर असर पड़ता है। अनाज का वजन भी कम हो जाता है और आगे अंकुरण में भी समस्या आती है। उधर, ग्राम अजोरपुर निवासी सुख सागर राय ने बताया कि एफसीआई के शहाबुद्दीनपुर केंद्र पर 25 क्विंटल धान बेच चुके हैं। हालांकि बोरे को लेकर केंद्र पर दिक्कत होती है। अकबरपुर निवासी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि 20 क्विंटल धान बेच चुके हैं। अभी और भी धान बेचना बाकी है। अभी बचा धान सुखवाया जा रहा है। उनका कहना है कि क्रय केंद्र पर सुविधाओं का अभाव है।
उधर, विपणन केंद्र प्रभारी सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि चावल मिल से जो भी बोरा मिल रहा है, उसे किसानों को उपलब्ध कराकर धान क्रय किया जा रहा है। अब तक उनके केंद्र पर 54 किसानों से 4 हजार 81 क्विंटल 20 किलो धान की खरीद की जा चुकी है। उनके यहां 25 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य है। एफसीआई के शहाबुद्दीनपुर केंद्र प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि उसी धान की खरीद नहीं की जा रही है, जिसकी क्वालिटी सही नहीं है। यानि कंडुआ है। अभी तक उनके केंद्र पर 39 किसानों से 1278 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। उनके केंद्र पर 10 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य है। केंद्र पर ढाई हजार बोरा उपलब्ध है।
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तहसील क्षेत्र के बड़े धान उत्पादक डेड़ुवाना निवासी किसान अतुल कुमार सिंह उर्फ बब्बू का कहना है कि केंद्रों पर समय से बोरा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। अगर बोरा दिया भी जा रहा है तो वह पुराना है। वे कहते हैं 200 क्विंटल धान विपणन केंद्र पर जाकर बेच चुके हैं। अभी तीन सौ क्विंटल धान और बेचना है। बोरा उपलब्ध करा दिया जाता तो हम अपना सब धान बेच देते। पतौरा निवासी मनोज कुमार सरोज ने बताया कि उन्होंने मुफ्तीगंज स्थित विपणन केंद्र पर 27 क्विंटल धान बेच दिया है। किंतु और धान लेने से केंद्र प्रभारी ने यह कहकर इनकार कर दिया कि धान में कंडुआ रोग लगा है। इसका चावल अच्छा नहीं होगा। कंडुआ रोग की वजह से फसल उत्पादन पर असर पड़ता है। अनाज का वजन भी कम हो जाता है और आगे अंकुरण में भी समस्या आती है। उधर, ग्राम अजोरपुर निवासी सुख सागर राय ने बताया कि एफसीआई के शहाबुद्दीनपुर केंद्र पर 25 क्विंटल धान बेच चुके हैं। हालांकि बोरे को लेकर केंद्र पर दिक्कत होती है। अकबरपुर निवासी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि 20 क्विंटल धान बेच चुके हैं। अभी और भी धान बेचना बाकी है। अभी बचा धान सुखवाया जा रहा है। उनका कहना है कि क्रय केंद्र पर सुविधाओं का अभाव है।
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उधर, विपणन केंद्र प्रभारी सीनियर मार्केटिंग इंस्पेक्टर शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि चावल मिल से जो भी बोरा मिल रहा है, उसे किसानों को उपलब्ध कराकर धान क्रय किया जा रहा है। अब तक उनके केंद्र पर 54 किसानों से 4 हजार 81 क्विंटल 20 किलो धान की खरीद की जा चुकी है। उनके यहां 25 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य है। एफसीआई के शहाबुद्दीनपुर केंद्र प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि उसी धान की खरीद नहीं की जा रही है, जिसकी क्वालिटी सही नहीं है। यानि कंडुआ है। अभी तक उनके केंद्र पर 39 किसानों से 1278 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। उनके केंद्र पर 10 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य है। केंद्र पर ढाई हजार बोरा उपलब्ध है।
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