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शिकायत रजिस्टर ने खोली पोल, भड़के आईजी
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सिकरारा थाने निरीक्षण के दौरान अभिलेखों की जाँच करते आईजी जोन।
- फोटो : JAUNPUR
सिकरारा। आईजी जोन विजय सिंह मीणा ने शुक्रवार की देर शाम स्थानीय थाने का गहन निरीक्षण किया। पुलिस को कार्यप्रणाली सुधारने की नसीहत दी। परिसर की साफ सफाई पर खुशी जाहिर की। करीब डेढ़ घंटे तक चले निरीक्षण के दौरान आईजी ने चौकीदारों से भी संवाद किया। ग्रामीण सूचना तंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए पूरी सजगता से कार्य करने को प्रेरित किया।
शाम करीब सवा पांच बजे थाने पहुंचे आईजी ने पहले सलामी ली। फिर सीधे चौकीदारों से मुखातिब हुए। थाने के बीट पुलिस के मोबाइल नंबर के बारे में जानकारी ली, लेकिन ज्यादातर इसे बता नहीं सके। उनका परिचय पत्र भी न होने पर आईजी ने एसपी और एसओ को निर्देशित किया। चौकीदारों को समय-समय पर प्रशिक्षित करते हुए अपडेट रखने का निर्देश दिया। कहा कि चौकीदार सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हें बीट सिपाही, थानाध्यक्ष आदि के नंबर की जानकारी होनी चाहिए।
हेल्प डेस्क की गुंजन यादव व वंदना सिंह से तीन शिकायत कर्ताओं के मोबाइल नंबर पर काल कराया और उनसे शिकायत निस्तारण के बारे में फीड बैक लिया। फोन पर बातचीत में एक शिकायतकर्ता ने बताया कि न तो अभी तक कोई पुलिस कर्मी उनके पास आया और न ही समस्या का समाधान हुआ, जबकि पुलिस के रजिस्टर में संतुष्ट लिखा गया था। इस पर आईजी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्य प्रणाली में सुधार की नसीहत दी। कार्यालय के अन्य अभिलेखों का भी निरीक्षण करते हुए आरक्षी बैरक, मालखाना, मेस आदि का जायजा लिया।
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शाम करीब सवा पांच बजे थाने पहुंचे आईजी ने पहले सलामी ली। फिर सीधे चौकीदारों से मुखातिब हुए। थाने के बीट पुलिस के मोबाइल नंबर के बारे में जानकारी ली, लेकिन ज्यादातर इसे बता नहीं सके। उनका परिचय पत्र भी न होने पर आईजी ने एसपी और एसओ को निर्देशित किया। चौकीदारों को समय-समय पर प्रशिक्षित करते हुए अपडेट रखने का निर्देश दिया। कहा कि चौकीदार सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हें बीट सिपाही, थानाध्यक्ष आदि के नंबर की जानकारी होनी चाहिए।
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हेल्प डेस्क की गुंजन यादव व वंदना सिंह से तीन शिकायत कर्ताओं के मोबाइल नंबर पर काल कराया और उनसे शिकायत निस्तारण के बारे में फीड बैक लिया। फोन पर बातचीत में एक शिकायतकर्ता ने बताया कि न तो अभी तक कोई पुलिस कर्मी उनके पास आया और न ही समस्या का समाधान हुआ, जबकि पुलिस के रजिस्टर में संतुष्ट लिखा गया था। इस पर आईजी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्य प्रणाली में सुधार की नसीहत दी। कार्यालय के अन्य अभिलेखों का भी निरीक्षण करते हुए आरक्षी बैरक, मालखाना, मेस आदि का जायजा लिया।
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