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डेहरी गांव में पंचायत चुनाव के बाद 30 मौत
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सरपतहा थाना क्षेत्र के डेहरी गांव में पंचायत चुनाव के बाद से अब तक करीब 30 मौत होने से गांवों में हड़कंप है। लगातार हो रही मौतों से गांव के लोग भयभीत हैं जबकि प्रशासन इससे अनभिज्ञ है।
गांव निवासी ओंकार यादव के मुताबिक गांव में पंचायत चुनाव से पहले हालात समान्य थे लेकिन चुनाव के बाद से ही गांव में लोग सर्दी बुखार की चपेट में आने लगे और एक के बाद एक मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया। चुनाव के बाद से अबतक करीब तीस लोगों की जान जा चुकी है। हालां कि गांव में बीमार लोगों की जांच न होने के कारण यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि लोगों की मौत कोरोना से ही हुई है लेकिन इस बीमारी की संभावना से इनकार भी नहीं किया जा सकता। सुभाष के मुताबिक गांव के कुछ परिवार ऐसे हैं जहां सप्ताह और दस दिन के भीतर दो मौत हुई है। इसी गांव के डॉ सूर्यभान यादव कहते हैं कि गांव के शिक्षक कामता यादव की मौत के एक सप्ताह बाद ही उनके परिवार में एक महिला की भी मौत हो गई। इसी गांव के उदयभान भी इसी बात की तस्दीक करते हैं। पेशे से शिक्षक राजबहादुर की भी मौत इसी दौरान हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से गांव में किसी की मौत नहीं हुई है। डॉ सूर्यभान कहते हैं कि गांव में एक के बाद एक हुई मौतों की जानकारी प्रशासन को दी गई थी लेकिन शुरू में किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। अब जाकर गांव में सैनिटाइजेशन का काम हुआ है। सीएचसी सुइथाकला के प्रभारी सूर्यप्रकाश यादव का कहना है कि डेहरी गांव में कुछ लोगों की मौत हुई है। हालांकि किसी की जांच नहीं हुई है। इससे स्पष्ट नहीं है कि उनमें से कोई कोरोना से संक्रमित था या नहीं। लक्षण के आधार पर हर घर में कोरोना की किट बटवा दी गई है।
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गांव निवासी ओंकार यादव के मुताबिक गांव में पंचायत चुनाव से पहले हालात समान्य थे लेकिन चुनाव के बाद से ही गांव में लोग सर्दी बुखार की चपेट में आने लगे और एक के बाद एक मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया। चुनाव के बाद से अबतक करीब तीस लोगों की जान जा चुकी है। हालां कि गांव में बीमार लोगों की जांच न होने के कारण यह स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता कि लोगों की मौत कोरोना से ही हुई है लेकिन इस बीमारी की संभावना से इनकार भी नहीं किया जा सकता। सुभाष के मुताबिक गांव के कुछ परिवार ऐसे हैं जहां सप्ताह और दस दिन के भीतर दो मौत हुई है। इसी गांव के डॉ सूर्यभान यादव कहते हैं कि गांव के शिक्षक कामता यादव की मौत के एक सप्ताह बाद ही उनके परिवार में एक महिला की भी मौत हो गई। इसी गांव के उदयभान भी इसी बात की तस्दीक करते हैं। पेशे से शिक्षक राजबहादुर की भी मौत इसी दौरान हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से गांव में किसी की मौत नहीं हुई है। डॉ सूर्यभान कहते हैं कि गांव में एक के बाद एक हुई मौतों की जानकारी प्रशासन को दी गई थी लेकिन शुरू में किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। अब जाकर गांव में सैनिटाइजेशन का काम हुआ है। सीएचसी सुइथाकला के प्रभारी सूर्यप्रकाश यादव का कहना है कि डेहरी गांव में कुछ लोगों की मौत हुई है। हालांकि किसी की जांच नहीं हुई है। इससे स्पष्ट नहीं है कि उनमें से कोई कोरोना से संक्रमित था या नहीं। लक्षण के आधार पर हर घर में कोरोना की किट बटवा दी गई है।
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