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...तो जनप्रतिनिधियों के दबाव में हो रहा घटिया निर्माण !
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:12 AM IST
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जौनपुर। जिले में खड़ंजा, इंटरलॉकिंग, नाली आदि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की जा रही है। निर्माण की गुणवत्ता खराब होने के कारण निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़कें आदि टूट जा रही हैं। हाल ही में बदलापुर नगर पंचायत में इंटरलॉकिंग की सड़क बनी और एक माह भी नहीं चल पाई। इसकी शिकायत होने पर जिलाधिकारी ने भुगतान रोक दिया। बदलापुर के ही एक सड़क निर्माण के मामले में एक ठेकेदार के काम पर सवाल उठाने पर उसने आरईएस के अवर अभियंता को जान से मारने की धमकी दी है। लगातार मिल रही शिकायतों पर जिलाधिकारी ने हाल में कराए गए विकास कार्यों की जांच बैठा दी है।
जिले में विकास के नाम पर लूट मची है। यह लूट जनप्रतिनिधियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से हो रही है। जिला पंचायत में 100, आरईएस में 60, पीडब्लूडी में 15 और नगर पालिका और नगर पंचायतों में 150 से अधिक सड़कों के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत आई है। जलालपुर, बदलापुर सहित कई विकासखंडों में ऐसी शिकायतें आई हैं जिसमें जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। एक पूर्व सांसद के करीबी ठेकेदार ने सत्ताधारी दल के विधायक के संरक्षण में आरईएस के अवर अभियंता को सड़क के भुगतान के लिए धमकी दी। कुछ विधायक जिले में ऐसे हैं जो सभी विधानसभाओं में हस्तक्षेप कर ठेकेदारों को प्रश्रय दे रहे हैं। दूसरे क्षेत्र के विधायक ने ठेकेदार को संरक्षण दिया और उसने इंजीनियर को धमकी दी।
कोट--
सभी नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया गया है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता पर ध्यान दें। जिन मामलों में शिकायतें आई हैं, उनमें भुगतान रोक दिया गया है। ऐसे ठेकेदारों को काली सूची में डाला जाएगा।-अरविंद मलप्पा बंगारी, डीएम
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जिले में विकास के नाम पर लूट मची है। यह लूट जनप्रतिनिधियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से हो रही है। जिला पंचायत में 100, आरईएस में 60, पीडब्लूडी में 15 और नगर पालिका और नगर पंचायतों में 150 से अधिक सड़कों के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत आई है। जलालपुर, बदलापुर सहित कई विकासखंडों में ऐसी शिकायतें आई हैं जिसमें जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। एक पूर्व सांसद के करीबी ठेकेदार ने सत्ताधारी दल के विधायक के संरक्षण में आरईएस के अवर अभियंता को सड़क के भुगतान के लिए धमकी दी। कुछ विधायक जिले में ऐसे हैं जो सभी विधानसभाओं में हस्तक्षेप कर ठेकेदारों को प्रश्रय दे रहे हैं। दूसरे क्षेत्र के विधायक ने ठेकेदार को संरक्षण दिया और उसने इंजीनियर को धमकी दी।
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कोट--
सभी नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया गया है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता पर ध्यान दें। जिन मामलों में शिकायतें आई हैं, उनमें भुगतान रोक दिया गया है। ऐसे ठेकेदारों को काली सूची में डाला जाएगा।-अरविंद मलप्पा बंगारी, डीएम
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